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    केदारनाथ यात्रा: आज से शुरू होंगे घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण, तीन ब्लॉक के लिए रोस्टर जारी

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 06:59 AM (IST)

    केदारनाथ यात्रा के लिए घोड़े-खच्चरों का पंजीकरण आज से शुरू हो रहा है। पशुपालन विभाग और जिला पंचायत संयुक्त रूप से शिविर लगाएंगे। ...और पढ़ें

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    संवाद सहयोगी, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण को लेकर कवायद शुरू हो गई है। पशुपालन विभाग ने गुरुवार से घोड़ा-खच्चरों के पंजीकरण को लेकर रोस्टर जारी कर दिया है। जिला पंचायत एवं पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू करेगा।

    केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनाथ खोले जाएंगे। कपाट खोलने की घोषणा के बाद यात्रा से जुड़े विभागों ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पशुपालन विभाग ने केदारनाथ यात्रा में अहम भूमिका निभाने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण को लेकर कवायद शुरू कर दी है। जिला प्रशासन इस बार भी लगभग पांच हजार घोड़ा-खच्चरों के संचालन की अनुमति देगा।

    पशुपालन विभाग ने जनपद के जखोली, अगस्त्यमुनि एवं ऊखीमठ ब्लॉक की विभिन्न जगहों पर शिविरों के आयोजन को लेकर रोस्टर जारी कर दिया है। पहले चरण में छह जगह पर पंजीकरण शिविर के लिए रोस्टर जारी किया गया है, जबकि होली के बाद दूसरे चरण के लिए रोस्टर जारी होगा।

    केदारनाथ पैदल मार्ग पर सवारी एवं आवश्यक सामग्री के लिए प्रयोग किए जाने वाले घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य परीक्षण, माइक्रो चिपिंग, टैगिंग, रक्त सैंपलिंग, पशु बीमा के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा।

    मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. आशीष रावत ने बताया कि गुरुवार को राऊलैक एवं मनसूना में घोड़ा-खच्चरों के लिए पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। इसमें राऊलैक, उनियाणा, रांसी, जग्गी, बेडुला, गौंडार, पौंडार, मनसूना, गेड, गडगू, फाफंज, गिरिया, पाली, सरूणा गांव शामिल होंगे। 27 फरवरी को चन्द्रापुरी व सिद्धसौड एवं 28 फरवरी को घंघासू बांगर एवं बक्सीर में घोड़ा-खच्चरों के लिए पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

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    होली के बाद दूसरा रोस्टर जारी किया जाएगा। बीमा प्रीमियम 3500 से 3703 रुपये प्रति पशु भुगतान घोड़ा-खच्चर स्वामियों को स्वयं वहन करना पड़ेगा। पशुओं के मेडिकल प्रमाणपत्र व बीमा जारी होने के बाद ही जिला पंचायत घोड़ा-खच्चर का पंजीकरण करेगा।

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