केदारनाथ यात्रा पर मानसून की मार: रोजाना आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1 हजार से नीचे पहुंची
मानसून के व्यापक असर से केदारनाथ यात्रा पर तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई है, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन प्रभावित हुआ है। ...और पढ़ें

केदारनाथ यात्रा 2026।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा पर इन दिनों मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण यात्रा प्रभावित होने से धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या घटकर प्रतिदिन एक हजार से भी नीचे पहुंचने लगी है।
यात्रियों की संख्या में आई कमी का सीधा असर केदारघाटी के स्थानीय व्यापार, होटल व्यवसाय और अन्य पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
लगातार बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं। हालांकि प्रशासन और संबंधित विभाग मार्ग को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं, लेकिन बीच-बीच में यात्रा बाधित होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी जगह-जगह मलबा और पत्थर गिरने से आवागमन जोखिम भरा बना हुआ है।
केदारघाटी में देर रात और तड़के होने वाली भारी बारिश के बावजूद वाहनों का संचालन लगातार जारी रहने से स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों ने चिंता जताई है। व्यापारियों ने मानसून के दौरान रात के समय पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर एक निश्चित समय के बाद वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
श्री केदारधाम होटल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी ने कहा कि आगामी दिनों में कांवड़ यात्रा भी शुरू होने वाली है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन को अपनी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए रात्रि में एक निर्धारित समय के बाद केदारनाथ हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया जाना आवश्यक है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।