आज उत्तराखंड के छह जिलों में खतरे का अलर्ट, अलकनंदा चेतावनी से ऊपर; बदरीनाथ हाईवे बंद
उत्तराखंड में भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे देहरादून समेत छह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। अलकनंदा नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है और बद ...और पढ़ें

छह जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में वर्षा के दौर जारी हैं और पहाड़ से मैदान तक बादल मंडरा रहे हैं। मौसम विभाग ने आज देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर आने की चेतावनी भी दी गई है।
चमोली में शनिवार रात से जारी बारिश रविवार को थमी। यहां बदरीनाथ हाईवे नंदप्रयाग व पागलनाला में तड़के से बंद था, जिसे बाद में खोल दिया गया। जिले में 30 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। वहीं बारिश के डर से किमाणा गांव में ग्रामीण रातभर जग रहे। यहां भूस्खलन ने परेशानी बढ़ाई।
अलकनंदा चेतावनी स्तर से ऊपर, बदरीनाथ हाईवे सिरोबगड़ में बंद
रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार मौसम खराब बना हुआ है। रविवार सुबह जारी जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र की रिपोर्ट के अनुसार जनपद में बादल और कोहरा छाया हुआ है। बीते 24 घंटे में रुद्रप्रयाग में 22 मिमी, ऊखीमठ में 53.30 मिमी तथा जखोली में 25 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
सुबह 7 बजे की रिपोर्ट के अनुसार अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.15 मीटर दर्ज किया गया, जो 626.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहा है। हालांकि यह अभी 627.00 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 624.95 मीटर, गंगानगर में 800.20 मीटर तथा गौरीकुंड में 1973.95 मीटर दर्ज किया गया, जो अपने-अपने चेतावनी स्तर से नीचे हैं।
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अलकनंदा नदी के चेतावनी स्तर से ऊपर बहने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के माध्यम से लाउडस्पीकर द्वारा लगातार लोगों को नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप न जाने की अपील की है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
सड़क मार्गों की बात करें तो राष्ट्रीय राजमार्ग-107 सिरोबगड़ में एक स्थान पर बंद है। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 6, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 6 तथा एनपीसीसी का 1 मोटर मार्ग अवरुद्ध है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को किसी भी प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं तथा आमजन से अपील की है कि किसी भी आपदा, दुर्घटना या मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र को दें।
यमुनोत्री हाईवे कई जगहों पर बंद
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय उत्तरकाशी में हल्के बादलों के बीच धूप खिली है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुचारू है, जबकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पालीगाड़, स्याना चट्टी, बाडिया, हनुमान चट्टी, राणाचट्टी, झज्जरगाड़, जंगल चट्टी में मलबा व बोल्डर आने से बाधित है। एनएच बड़कोट की ओर से मार्ग पर यातायात बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।