टिहरी में दो बार नजर आया खूंखार भालू, बंदूक की रेंज से बच निकला
नई टिहरी के सुल्याधार क्षेत्र में खूंखार भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम स्पेशल शूटरों के साथ गश्त कर रही है। शुक्रवार को भालू दो बार दिखा लेकि ...और पढ़ें

थौलधार ब्लाक के सुल्याधार के पास थापली तोक में गश्त करती वन विभाग के शूटरों की टीम। वन विभाग

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जागरण संवाददाता, नई टिहरी। विकासखंड थौलधार के सुल्याधार क्षेत्र के थापली तोक में डेरा जमाए हुए खूंखार भालू को नष्ट या ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए वन विभाग की टीम स्पेशल शूटरों के साथ गांव के आसपास गश्त कर रही है।
टीम छह ट्रैप कैमरों से भालू की चहलकदमी पर नजर बनाए हुए है। सुल्याधार के ठीक नीचे थापली तोक के पास शुक्रवार को टीम को दो बार दूरबीन से भालू दिखा।
लेकिन, भालू शूटरों के पास मौजूद ट्रैंक्यूलाइज गन की रेंज से करीब दो सौ से तीन सौ मीटर दूर था। फिलहाल टीम की गश्त जारी है और भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बीते गुरुवार की दोपहर ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर, ग्रामीण विनोद और वन दरोगा अजयपाल सुल्याधार के ठीक नीचे थापली तोक में खूंखार भालू की चहलकदमी देखने गए थे।
इसी दौरान झाड़ियों में झिपे भालू ने उन पर हमला कर दिया, जिसमें तीनों घायल हो गए थे। तीनों घायलों को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया था।

वन दरोगा अजयपाल गहन चिकित्सा परीक्षण के लिए देहरादून चले गए हैं। ग्राम प्रधान युद्धवीर व ग्रामीण विनोद की हालात में सुधार है।
शुक्रवार को घायलों का हालचाल जानने लिए के लिए डीएफओ पुनीत तोमर, पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनाई समेत बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचे। सीएमएस डा. अमित राय ने बताया कि स्वास्थ्य में सुधार है।

15-20 कर्मियों की टीम तैनात
वन विभाग ने खूंखार भालू को नष्ट या ट्रैंक्यूलाइज करने के लिए गांव के आसपास उप प्रभागीय वनाधिकारी जन्मजय चंद रमोला, रेंजर प्रदीप चौहान के नेतृत्व में 15-20 कर्मियों की टीम तैनात की है।
जिसमें दो विभागीय शूटर और एक विशेषज्ञ शूटर डा. प्रदीप मिश्रा को देहरादून चिड़ियाघर से थापली तोक में तैनात किया गया है।
एसडीओ रमोला ने बताया कि शुक्रवार को गश्त के दौरान दो बार भालू देखा गया। लेकिन शूटरों की नजर से बचकर निकला।
बताया कि टीम लगातार भालू की गतिविधियों पर स्वयं और छह ट्रैप कैमरों से नजर बनाए है। जल्द ही भालू को काबू कर लिया जाएगा। उन्होंने महिलाओं को अकेले जंगल और प्रभावित क्षेत्र में लकड़ी व चारपत्ती के लिए न जाने की अपील की है।

प्रधान व ग्रामीणों को बचाने भालू से भिड़ थे वन दारोगा
बीते गुरुवार की दोपहर जब ग्राम प्रधान बेरगणी युद्धवीर, ग्रामीण विनोद और वन दरोगा अजयपाल खूंखार भालू की चहलकदमी देखने गए थे, तो तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक हमला कर दिया।
ग्राम प्रधान व ग्रामीण को बचाने के लिए वन दरोगा अजयपाल भालू से भिड़ गए थे। जिस कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
वन दरोगा ने अपनी जान की परवाह न करते हुए युद्धवीर और विनोद को भालू से बचा लिया था। तीनों घायलों को जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया था। जहां से वन दरोगा अजयपाल को गहन चिकित्सा परीक्षण के लिए देहरादून भेज दिया गया है।