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    उत्तराखंड के टिहरी में मूसलधार बारिश का कहर, जनजीवन प्रभावित और प्रमुख मार्ग बंद

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 07:28 PM (IST)

    टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे बदरीनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई सड़कें अवरुद्ध हो गईं। ...और पढ़ें

    फोटो- मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग पर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से अवरूद्ध हुआ मार्ग। जागरण

    फोटो- मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग पर की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से अवरूद्ध हुआ मार्ग। जागरण

    HighLights

    1. टिहरी में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ

    2. बदरीनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हुए

    3. जिले के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहे

    जागरण संवाददाता, नई टिहरी। जनपद टिहरी में बीते बुधवार रात्रि से लगातार जारी वर्षा के कारण लोगों का जन-जीवन प्रभावित हो गया है। लगातार वर्षा के कारण जनपद में बदरीनाथ और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित विभिन्न राज्य मार्ग और ग्रामीण मोटर मार्ग भूस्खलन व मलबा आने के कारण बाधित हो गए।

    जिससे इन मार्गों से आवागमन करने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। वहीं, जनपद में गुरुवार को सभी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र जिला प्रशासन के आदेश पर बंद रखे गए।

    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 8:30 बजे तक पिछले 24 घंटों में जनपद में औसतन 90.43 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

    जिसमें सर्वाधिक नरेंद्रनगर और कीर्तिनगर क्षेत्र में 105 मिमी, धनोल्टी में 100 मिमी, देवप्रयाग में 98.6 मिमी, टिहरी में 94 मिमी व घनसाली में 40 मिमी वर्षा हुई।

    कई जगहर भूस्खलन से अवरूद्ध हुए मोटर मार्ग

    बीते बुधवार रात्रि से लगातार जारी मूसलधार वर्षा के कारण जनपद में कई मोटर मार्ग भूस्खलन के कारण अवरूद्ध हो गए।

    ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-07 तीन धारा के पास भारी बोल्डर और मलबा आने के कारण अवरूद्ध हो गया था, जो सुबह करीब साढ़े सात बजे तक सुचारू कर दिया गया था।

    वहीं, बीआरओ के अंतर्गत ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-34 नगुण बैरियर के पास भारी बोल्डर और मलबा आने के कारण बीते बुधवार रात्रि को ही अवरूद्ध हो गया था, जिसे करीब 15 घंटे बाद गुरुवार शाम करीब चार बजे सिंगल लेन के लिए खोला जा सका है।

    इसके अलावा गुरुवार को लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत नौ राज्य मार्ग, तीन जिला मार्ग और 11 ग्रामीण सड़कों सहित कुल 23 मार्ग बाधित हो गए।

    विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के तहत अगल-अलग समय अंतराल में कुल 18 सड़कें आवागमन के लिए सुचारू कर दी गई हैं। जबकि एक राज्य मार्ग, एक जिला मार्ग और तीन ग्रामीण सहित पांच सड़कें देर शाम 6 बजे तक भी बाधित रहीं, जिन्हें सुचारू करने को लेकर विभाग की कार्रवाई गतिमान है।

    वहीं, पीएमजीएसवाई के अंतर्गत गुरूवार को कुल 15 ग्रामीण सड़कें बाधित हो गईं। जिनमें से विभाग की ओर से 8 सड़कें सुचारू कर दी गई हैं। जबकि देर शाम छह बजे तक 9 सड़कें बाधित रहीं। जिसको सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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    जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि जनपद में कहीं भी विद्युत या पेयजल आपूर्ति बाधित होने की कोई सूचना नहीं है।

    नगुण गाड के पास मलबा आने से 15 घंटे बाद खुला गंगोत्री राजमार्ग

    कंडीसौड़। बुधवार रात्रि 10 बजे से निरंतर जारी बारिश के कारण ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग-34 छाम थाना क्षेत्र में नगुण गाड के गोजमीर भूस्खलन जोन से लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण अर्धरात्रि को ही अवरूद्ध हो गया।

    लगातार हो रहे भूस्खलन के बीच कड़ी मशक्कत के बाद गुरुवार शाम करीब 4 बजे मशीनों के माध्यम एक लेन मलबा हटाने के बाद वाहन निकालने योग्य रास्ता बनाया गया।

    जिसके बाद 15 घंटे से फंसे वाहन निकल पाए हैं। छाम थानाध्यक्ष दिलवर सिंह नेगी लगातार मय फोर्स मौके पर मौजूद रहे।

    उन्होंने बताया कि गोजमीर में निरंतर मलबा गिर रहा है, जो कि काफी खतरनाक बना हुआ है। लगातार जारी बारिश से किसी भी समय एनएच बंद होने की संभावना बनी हुई है।

    आलवेदर रोड पर अन्य स्थानों पर भी पत्थर व मलबा गिरने से सड़क काफी संकरी बनी हुई है।

    कार्यदायी संस्था बीआरओ व ठेकेदार कंपनियों को अन्य स्थानों पर भी मशीन भेजने को कहा गया है। जिससे खतरनाक बना हुआ मलबा हटाया जा सके और यातायात व्यवस्था सुरक्षित बनी रहे।

    सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से बंद हुआ मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग

    नैनबाग। लगातार वर्षा के चलते मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग मरोड व खैराड़ बैड के बीच बाधित हो गया है। जिसमें वैकल्पिक व्यवस्था फरोग-खैराड़ मोटर से सुचारू की गई है।

    गुरुवार को मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग मरोड़ से 800 मीटर की दूरी पर सड़क की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही के लिए पूर्ण रूप से बाधित हो गया है।

    फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था फफरोग-खैराड़ मोटर मार्ग से की जा रही है, जो कि काफी खस्ताहाल है और डेंजर जोन व कच्चा मार्ग होने से जोखिम भरा बना हुआ है।

    मार्ग पर वाहनों की आवाजाही में वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    वहीं, जौनपुर प्रधान संगठन के अध्यक्ष प्रदीप कवि ने फफरोग-खैराड मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग की है। जिससे आवागमन सुरक्षित, सुचारू व सुगम हो सके।

    लोनिवि थत्यूड़ के एई मनमोहन जोशी ने बताया मरोड़-बनचोरा-बढेथी मोटर मार्ग के भारी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था फरोग-खैराड़ मोटर से सुचारु की गई है। साथ ही जेसीबी से कटिंग कर मुख्य मार्ग को खोलने की प्रकिया गतिमान है।

    प्रावि मंदार की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त, मंडराने लगा खतरा

    वर्षा के कारण गुरुवार को विकासखंड जाखणीधार के राजकीय प्राथमिक विद्यालय, मंदार की सुरक्षा दीवार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

    जिससे अब विद्यालय भवन पर खतरा भी मंडराने लगा है। यदि आगे भी इसी तरह मूसलधार बारिश होती है तो विद्यालय भवन के भी क्षतिग्रस्त या जमींदोज होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

    भवन को खतरा होने से विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों को बरसात के दौरान बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है।

    वहीं, विद्यालय प्रबंधन ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए प्रशासन से विद्यालय भवन की सुरक्षा को लेकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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