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    उत्तराखंड: नवजोत सिंह सिद्धू आम भक्त की तरह पैदल सुरकंडा देवी मंदिर पहुंचे, 3 दिन तक की साधना

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 09:06 PM (IST)

    पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने इस साल दूसरी बार मां सुरकंडा देवी मंदिर में तीन दिन पूजा-अर्चना और ध्यान किया। ...और पढ़ें

    मां सुरकंडा में दर्शन के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सेल्फी लेते मंदिर समिति के पदाधिकारी। साभार: रघुभाई जड़धारी

    मां सुरकंडा में दर्शन के बाद नवजोत सिंह सिद्धू के साथ सेल्फी लेते मंदिर समिति के पदाधिकारी। साभार: रघुभाई जड़धारी                   

    HighLights

    1. सिद्धू ने इस साल दूसरी बार सुरकंडा देवी मंदिर का दौरा किया

    2. तीन दिन तक मंदिर में पूजा-अर्चना और घंटों ध्यान-साधना की

    3. मंदिर को आध्यात्मिक शक्ति और मन की शांति का केंद्र बताया

    संवाद सहयोगी नई टिहरी। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू दूसरी बार मां सुरकंडा देवी मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने तीन दिन तक मंदिर में पूजा-अर्चना की और घंटों ध्यान-साधना भी की।

    उन्होंने कहा कि सुरकंडा सिद्धपीठ एक ऐसा आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र है, जहां मन को असीम सुकून और शांति मिलती है और शक्ति का संचार होता है।

    इसलिए उनका मन यहां बार-बार आने को करता है। उन्होंने तीन दिवसीय पूजा-अर्चना के बाद 30 जुलाई को वापस अपने घर के लिए प्रस्थान किया।

    पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू को मां सुरकंडा मंदिर इतना भाया कि वे इसी वर्ष दूसरी बार मंदिर पहुंचे और मंदिर में पूरे तीन दिन तक पूजा-अर्चना की। शांति और सुकून के लिए उन्होंने मंदिर में घंटों ध्यान-साधना भी की।

    नवजोत सिंह सिद्धू 26 जुलाई को काणाताल स्थित एक निजी होटल में पहुंच गए थे। जहां से वे 27, 28 और 29 जुलाई को दोपहर बाद रोज मां सुरकंडा मंदिर पहुंचे।

    खराब मौसम के चलते रोप-वे सेवा बाधित होने के बावजूद भी वे पैदल ही मंदिर पहुंचे। मंदिर में उन्होंने रोजाना पूजा-अर्चना की और करीब 3 घंटे तक ध्यान साधना भी की।

    29 जुलाई देर शाम को वे मंदिर से वापस होटल पहुंचे और 30 जुलाई को उन्होंने वापस अपने घर के लिए प्रस्थान किया।

    खास बात यह है कि उनका यह दौरा बहुत ही निजी था और बिना किसी प्रोटोकाल के वे एक आम भक्त की तरह मंदिर आए। रास्ते में यात्री उनसे फोटो खिंचवाने की अपील करते, तो वे किसी को मना नहीं करते।

    मंदिर से वापस आते समय मंदिर के पुजारी रमेश प्रसाद लेखवार और मैती रणजीत सिंह जड़धारी ने उन्हें माता की चुनरी और प्रसाद भेंट किया। उन्होंने कहा कि वैसे तो पूरा उत्तराखंड देवभूमि है, लेकिन यह स्थान कुछ विशेष है।

    बताते चलें कि नवजोत सिंह सिद्धू जून माह के प्रथम सप्ताह में यहां आए थे और उस समय भी पूरे तीन दिन तक उन्होंने मंदिर में पूजा की थी। तब उन्होंने कहा था कि वह जल्दी ही दोबारा मंदिर में आएंगे।

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    मंदिर समिति के प्रबंधक रघुभाई जड़धारी ने बताया कि मां सुरकंडा मंदिर प्रमुख सिद्धपीठों में से एक है, इसकी मान्यता व महात्मय का वर्णन केदारखंड में भी उल्लेखित है, इसलिए बड़े-बड़े सेलिब्रिटी भी यहां मां के दर्शनों को आते रहते हैं।

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