टिहरी में खाकी का रौब पड़ा भारी: मारपीट मामले में पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो को 2-2 साल की जेल
नई टिहरी न्यायालय ने मारपीट और प्रताड़ना के मामले में एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक अन्य को दो-दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपितों को ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
पुलिस इंस्पेक्टर समेत दो को सजा सुनाई गई
मारपीट व प्रताड़ना मामले में दो साल जेल
प्रत्येक पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड
जागरण संवाददाता, नई टिहरी। लड़ाई-झगड़ा और मारपीट करने के मामले में न्यायालय ने पुलिस इंस्पेक्टर (निरीक्षक) सहित दो आरोपितों को दोषसिद्ध पाते हुए दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दोनों आरोपितों को पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित है। अर्थदंड अदा न करने पर दस-दस दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा।
नई टिहरी निवासी दीवान सिंह बागड़ी ने 16 दिसंबर 2022 को कोतवाली नई टिहरी में तहरीर दी थी। बताया कि 14 दिसंबर की रात्रि को करीब साढ़े दस बजे उनका पुत्र नीरज बागड़ी अभिषेक शाह व सतीश चंद्र को घर छोड़कर वापस लौट रहा था।
इस दौरान विक्की चौधरी और रजनीश सिंह शराब के नशे में तीव्र गति से कार लेकर आ रहे थे, जहां ओवरटेकिंग को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई।
जिस पर विक्की चौधरी और रजनीश सिंह ने विक्की के पिता पुलिस निरीक्षक सुखपाल सिंह को मौके पर बुला लिया, जो स्वयं भी शराब के नशे में धुत था।
अभिषेक शाह ने भी अपने एक मित्र और उनके पुत्र नीरज बागड़ी को मौके पर बुलाया। पुलिस अधिकारी सुखपाल सिंह ने वर्दी का रौब दिखाते हुए अभिषेक शाह और नीरज बागड़ी के साथ मारपीट कर दी, जिसमें दोनों ही युवकों को गंभीर चोटें आई हैं।
इसके बाद उन्हें रातभर कोतवाली में हिरासत में लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुखपाल सिंह और रजनीश सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक अभियोजन अधिकारी परवाज अख्तर ने बताया कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रिंकी साहनी की अदालत ने अभियुक्त सुखपाल सिंह और रजनीश सिंह को संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व आपराधिक धमकी देने की धाराओं में दोषमुक्त किया है।
जबकि चोट पहुंचाने के अपराध में दोषसिद्ध पाते हुए छह-छह माह के साधारण कारावास और गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में दो-दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा से दंडित किया है।
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