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    उत्तराखंड के टिहरी में पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डाल रहे नौनिहाल, नदी पार कर पहुंचते हैं स्कूल

    Updated: Sat, 18 Jul 2026 12:34 PM (IST)

    राजधानी देहरादून के पास सौंग घाटी में स्कूली बच्चों को सौंग नदी पार कर स्कूल जाने में जान का जोखिम उठाना पड़ रहा है। ...और पढ़ें

    सौंग घाटी क्षेत्र में मानव श्रंखला बनाकर सौंग नदी को पार करते राइंका रगड़गांव के स्कूली बच्चे व पीठ पर बैठाकर बच्चों को नदी पार कराता ग्रामीण। सुधि पाठक

    सौंग घाटी क्षेत्र में मानव श्रंखला बनाकर सौंग नदी को पार करते राइंका रगड़गांव के स्कूली बच्चे व पीठ पर बैठाकर बच्चों को नदी पार कराता ग्रामीण। सुधि पाठक

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    जागरण संवाददाता, नई टिहरी। राजधानी देहरादून से महज 25 किमी दूर स्थित विकासखंड जौनपुर के सौंग घाटी क्षेत्र में आज भी स्कूली बच्चों को शिक्षा हासिल करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

    क्षेत्र में सौंग नदी पर पुल नहीं होने के कारण घुड़साल, लड़वाकोट, हल्द्वाडी, पसनी, बमेंडी सहित आसपास के गांवों के करीब 25 से 30 छात्र-छात्राएं प्रतिदिन इंटर कालेज रंगड़गांव पहुंचने के लिए उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं।

    बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा और बढ़ जाता है। छोटे बच्चों को ग्रामीण अपनी पीठ पर बैठाकर नदी पार कराते हैं, जबकि बड़े बच्चे मानव श्रृंखला बनाकर तेज बहाव के बीच नदी पार कर रहे हैं। इस दौरान बच्चों के जूते और कपड़े पूरी तरह भीग जाते हैं, जिससे उन्हें पूरे दिन भीगे कपड़ों में पढ़ाई करनी पड़ती है। ग्रामीण घनश्याम कंडारी अपने पुत्र आयुष सहित अन्य गांवों के बच्चों को नदी पार कराने में सहयोग कर रहे हैं।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी दिन नदी का बहाव अधिक हो गया तो बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों के अनुसार नदी पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए ट्राली लगाई गई है, मानव चलित ट्राली होने के कारण बच्चों को इसे खींचना मुश्किल हो गया है। जिससे यह व्यवस्था भी बच्चों के लिए सुरक्षित साबित नहीं हो रही है। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन भी इससे लगातार प्रभावित बना हुआ है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि सौंग नदी पर पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब जाकर पुल निर्माण पर कार्रवाई हुई। ग्राम प्रधान खेमराज सिंह कंडारी, लड़वाकोट की प्रधान शिवानी कंडारी, पसनी के प्रधान देवेंद्र सिंह, सुनील सिंह, जयराम सिंह, गोविंद सिंह, पूर्व प्रधान जय सिंह, भीम सिंह, राम सिंह, युवा मंगल दल के अध्यक्ष सुमित कंडारी सहित क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से सौंग नदी पर शीघ्र पुल निर्माण कराने और तब तक सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

    60 मीटर लंबाई का पुल निर्माणाधीन

    बीते दिनों क्षेत्र की समस्या संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी टिहरी नितिका खंडेलवाल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था। जहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सुझाव पर लोनिवि थत्यूड़ के अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया और सौंग नदी पर 60 मीटर लंबाई का पुल निर्माण किए जाने का निर्णय लिया। इससे घुड़साल, लड़वाकोट, हल्द्वाडी, पसनी, बमेंडी सहित आसपास के गांवों को लाभ मिलेगा।

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    सौंग नदी पर वर्तमान में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माणाधीन है। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पुल निर्माण स्थल से मात्र 200 मीटर दूर ट्राली लगाई गई है। जिसके संचालन के लिए कर्मचारी की तैनाती भी की गई है। इसके अलावा ट्राली के पास ही नदी में वैकल्पिक सड़क भी बना दी गई है। जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से सुरक्षित आवागमन की अपील की जाती है। - नितिका खंडेलवाल, जिलाधिकारी टिहरी

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