टिहरी में सौंग नदी पर पुल न होने से ग्रामीण परेशान, पोकलेन से जान जोखिम में डालकर कर रहे नदी पार
टिहरी के सौंदणा गांव में सौंग नदी पर पुल न होने से ग्रामीण परेशान हैं। वर्षा में नदी उफान पर होने से लोग पोकलेन मशीन से जान जोखिम में डालकर नदी पार कर ...और पढ़ें

सौंग नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद महिलाओं को पोकलैंड से नदी पार कराता आपरेटर। वीडियो ग्रैब
HighLights
सौंग नदी पर पुल न होने से ग्रामीण परेशान
पोकलेन मशीन से जान जोखिम में डालकर नदी पार
पीएमजीएसवाई पर पुल निर्माण में देरी का आरोप
जागरण संवाददाता, नई टिहरी। टिहरी जनपद में लगातार हो रही वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में जौनपुर विकासखंड के सौंदणा गांव सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
सौंग नदी पर लंबे समय से पुल का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।
ग्रामीण महिलाओं को पोकलेन के माध्यम से नदी पार कराने का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। जिसको लेकर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत सौंग नदी पर समय रहते पुल का निर्माण नहीं कराया गया। वर्षा के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
ऐसे में ग्रामीणों को पोकलेन मशीन की मदद से नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से कई गांव जुड़े हैं और रोजमर्रा की जरूरतों, स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने के लिए इसी रास्ते का उपयोग करना पड़ता है। बरसात के दौरान नदी उफान पर होने से ग्रामीणों को घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर जोखिम उठाकर नदी पार करनी पड़ती है।
सौंग बांध प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष रविंद्र पंवार ने शासन-प्रशासन से तत्काल पुल निर्माण शुरू कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह बरसात की शुरुआत भर है, आने वाले दिनों में वर्षा का दौर तेज होने पर हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोगों के सामने आवागमन का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी। उन्होंने बरसात के मौसम को देखते हुए पुल निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
सौंग नदी पर निर्माणाधीन पुल में बजट के अभाव में देरी हो रही है। वैकल्पिक व्यवस्था को देखते हुए वहां ट्राली निर्माण का कार्य किया जा रहा है। बरसात के कारण इसमें कुछ व्यवधान पड़ा है, एक सप्ताह के भीतर यहां ट्राली का स्थापित कर क्रियान्वन शुरू कर दिया जाएगा। जिससे ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
- गणेश प्रसाद नौटियाल, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई द्वितीय।
यह भी पढ़ें- यमुनोत्री हाईवे बदहाल: स्यानाचट्टी में 100 मीटर सड़क वाशआउट, 27 घंटे से मार्ग ठप, जंगल से जा रहे यात्री
यह भी पढ़ें- उत्तरकाशी में फिर मंडराया कृत्रिम झील का खतरा: 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया