यमुनोत्री हाईवे बदहाल: स्यानाचट्टी में 100 मीटर सड़क वाशआउट, 27 घंटे से मार्ग ठप, जंगल से जा रहे यात्री
यमुनोत्री हाईवे 27 घंटे से बंद है, क्योंकि स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से सड़क का 100 मीटर हिस्सा बह गया है। ...और पढ़ें

स्यानाचट्टी में यमुनोत्री हाईवे बहाली को इस तरह की जा रही कटिंग। वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन जोन पार करने के लिए फिसलनभरी पगडंडी से गुजरते यात्री। स्रोत आपदा प्रबंधन विभाग
HighLights
यमुनोत्री हाईवे 27 घंटे से भूस्खलन के कारण बंद
स्यानाचट्टी के पास 100 मीटर सड़क का हिस्सा बहा
तीर्थयात्री फिसलनभरी पगडंडियों से यात्रा करने को मजबूर
संवाद सूत्र, बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री हाईवे इन दिनों बदहाली की मार झेल रहा है। पिछले वर्ष आई आपदा से फूलचट्टी, हनुमानचट्टी और स्याना चट्टी के पास क्षतिग्रस्त हुआ हाईवे इस वर्ष मानसूनी वर्षा में और अधिक जर्जर हो गया है।
बीते गुरुवार को स्यानाचट्टी में हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन के चलते वाशआउट हुआ, जिसके चलते 27 घंटों से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है।
यात्री भूस्खलन जोन पार करने के लिए जंगल के बीच फिसलनभरी पगडंडी से पैदल आवाजाही करने को मजबूर हैं। इधर, सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

शुक्रवार को यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पूरे दिन बंद रहा। करीब 27 घंटे से मार्ग बंद रहने के कारण चारधाम यात्रा के साथ स्थानीय लोगों का जनजीवन भी प्रभावित है।
स्याना चट्टी से राना चट्टी की ओर करीब 100 मीटर सड़क पूरी तरह वाशआउट हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप है।
वहीं, हनुमान चट्टी और फूलचट्टी के पास लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति और गंभीर बनी हुई है। वहीं, इससे पहले भी हाईवे की स्थिति अच्छी नहीं है। सिलाई बैंड में अचानक से रुक-रुक कर पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

हालांकि स्याना चट्टी के पास चौड़ीकरण का कार्य कर रही संस्था की दो एक्सावेटर और तीन डंपर मार्ग खोलने की कवायद में लगे हैं।
स्थानीय महावीर, हिमांशु ने निर्माण एजेंसी पर आरोप लगाया कि सड़क की क्षमता अभी तक दस टायर डंपर के लिए नहीं है, लेकिन फिर भी एजेंसी नियमों को ताक में रख कर दस टायर डंपर का इस्तेमाल कर रही है।
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इस कारण पानी से गीली सड़क पर ओवर लोड वाहन से सड़क की सुरक्षा दीवारों के गिरने का खतरा बना हुआ है।
इधर, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में आवागमन बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
फिलहाल यात्रियों को स्लाइडिंग जोन पार कराकर हनुमान चट्टी की ओर पैदल ट्रांजिट कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शनिवार को वह स्वयं प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करेंगे, जिसके बाद यात्रा संचालन को लेकर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
लगातार हो रही वर्षा और भूस्खलन के चलते प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा पर निकलने की अपील की है।
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