उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का कहर: यमुनोत्री हाईवे का 100 मीटर हिस्सा ध्वस्त, गंगोत्री मार्ग भी ठप
उत्तराखंड में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भूस्खलन से बाधित हो गए हैं, जिससे आवाजाही प्रभावित हुई है। ...और पढ़ें

यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी में ध्वस्त हुआ हाईवे का हिस्सा। जागरण
HighLights
यमुनोत्री हाईवे का 100 मीटर हिस्सा भूस्खलन से ध्वस्त
गंगोत्री हाईवे भी कई स्थानों पर बाधित, आवाजाही ठप
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन ने सतर्कता बढ़ाई
जागरण टीम, चिन्यालीसौड़/ बड़कोट (उत्तरकाशी)। पिछले करीब 14 घंटों से लगातार हो रही मानसूनी वर्षा के चलते गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन के चलते दोनों हाईवे के खुलने व बंद होने का सिलसिला जारी है।
यमुनोत्री हाईवे स्याना चट्टी के पास पिछले लगभग 13 घंटे से बाधित है। यहां भूस्खलन के चलते हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा ध्वस्त होकर दूसरी सड़क पर जा गिरा है।
इधर, गंगोत्री हाईवे पर भी नगुण, नालूपानी व धरासू में हाईवे के खुलने बंद होने का सिलसिला जारी रहा।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड और स्याना चट्टी के पास भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित है।

यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने बड़कोट से यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले वाहनों को बड़कोट में ही रोक दिया है। वहीं,जानकी चट्टी से बड़कोट की ओर आने वाले वाहनों को भी मार्ग खुलने तक जानकी चट्टी में ही रोका गया है।
लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण यमुना नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिससे नदी किनारे के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि संबंधित विभागों की टीमें राजमार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल करने में जुटी हुई हैं।

इधर, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षा के चलते हुए भूस्खलन के कारण नगुण, नालूपानी व धरासू में भूस्खलन के चलते दोपहर बाद तक सुचारू आवाजाही बाधित रही।
नालूपानी सुबह छह बजे बंद हुआ, आठ बजे खुला और दस बजे दोबारा बंद हो गया, जिसे दो बजे बाद दोबारा खोला जा सका।
वहीं, नगुण में भी भारी भूस्खलन के चलते आवाजाही थमी रही। यहां अपराह्न चार बजे बाद आवाजाही बहाल हो सकी।
इस दौरान डीएम प्रशांत आर्य ने भी मौके पर पहुंचकर हाईवे से मलबा हटाने के कार्य का जायजा लिया।
प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने तथा केवल प्रशासन की अनुमति और मार्ग खुलने की सूचना मिलने के बाद ही यात्रा करने की अपील की है।
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