गजब: उत्तराखंड में किसान बना सरकारी स्कूल का टीचर, बच्चे के आरटीई एडमिशन के लिए रचा खेल
जसपुर के एक सरकारी शिक्षक ने अपने बच्चे को आरटीई के तहत दाखिला दिलाने के लिए खुद को किसान दर्शाते हुए फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाया था। ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर । सरकारी शिक्षक द्वारा अपने बच्चे को आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत प्रवेश दिलाने के लिए कथित रूप से गलत आय प्रमाण पत्र बनवाने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि इसके लिए उसने खुद को कागज पर किसान दर्शाया था। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद विभाग ने शिक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
मिली थी गोपनीय शिकायत
जसपुर क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़ीहुसैन में तैनात शिक्षक ओमप्रकाश पुत्र चौखे सिंह के विरुद्ध विभाग को गोपनीय शिकायत मिली थी। आरोप था कि उन्होंने वर्ष 2013 में अपने बच्चे को आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने के लिए छह हजार रुपये मासिक आय दर्शाते हुए कम आय का प्रमाण पत्र बनवाया।
शिकायत सामने आने के बाद तहसीलदार जसपुर ने वर्ष 2013 की मूल पंजिका और अभिलेखों की जांच की। जांच में पुष्टि हुई कि ओमप्रकाश के नाम पांच अक्टूबर 2013 को छह हजार रुपये मासिक आय का प्रमाण पत्र जारी किया गया था। वहीं अभिलेखों से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह वर्ष 2005 से सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे।
जांच रिपोर्ट के अनुसार आय प्रमाण पत्र के आवेदन में उन्होंने स्वयं को किसान बताया और आय का स्रोत कृषि दर्शाया। आवेदन के साथ शपथ पत्र, राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर समेत अन्य दस्तावेज संलग्न किए गए थे। तहसीलदार ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि गलत तथ्यों और शपथ पत्र के आधार पर आय प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया। प्रशासनिक जांच पूरी होने के बाद उप जिलाधिकारी जसपुर ने रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी, ऊधम सिंह नगर को भेज दी है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि मामले में सेवा नियमों के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य विधिक पहलुओं पर भी नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
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