उत्तराखंड के सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई पर बवाल, कर्मचारियों ने टीम को 6 घंटे तक बनाया बंधक
सितारगंज तहसील में रिश्वतखोरी के आरोप में दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में लेखपाल और अमीन संघ ने विजिलेंस टीम को 6 घंटे तक बंधक बनाए रखा। ...और पढ़ें

संग्रह अमीन संघ और लेखपाल संघ ने तहसील परिसर के मुख्य गेटों में ताला लगा दिया।
HighLights
विजिलेंस टीम को सितारगंज तहसील में 6 घंटे बंधक बनाया
लेखपाल और अमीन संघ ने गिरफ्तारी का विरोध किया
संघ का दावा, बरामद राशि राजस्व वसूली की थी
जागरण संवाददाता, सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)। तहसील परिसर में कथित रिश्वतखोरी के मामले को लेकर संग्रह अमीन संघ और लेखपाल संघ ने करीब 6 घंटे तक विजिलेंस टीम को तहसील परिसर में बंधक बनाकर रखा।
इस दौरान तहसील परिसर के मुख्य गेटों में ताले लगा दिए। दोनों संगठनों का आरोप है कि राजस्व वसूली के पैसे बरामद किए गए हैं। जबकि विजलेंस टीम का कहना है कि अदालत में इस प्रकरण का पक्ष रखे।
बुधवार को विजिलेंस की टीम ने तहसील परिसर में तैनात बड़ी सहायक भूपेंद्र सिंह राणा और संग्रह अमीन को कथित रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया है।
टीम ने मामले में मुकदमा पंजीकृत कर सार्वजनिक कर दिया। विजिलेंस की कार्रवाई का पता लगता ही लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष पिंटू कुमार गौतम और संग्रह अमीन संघ के जिला अध्यक्ष उमाशंकर समय जिले के तमाम कर्मचारी तहसील परिसर पहुंच गए।
उन्होंने विरोध स्वरूप तहसील परिसर में ताला लगा दिया। जिससे विजिलेंस की टीम तहसील परिसर में करीब 6 घंटे तक बंधक बनी रही। यहां संग्रह अमीन संख्या जिलाध्यक्ष उमाशंकर का आरोप है कि गिरफ्तार किए गए तहसील कर्मचारी वैधानिक तरीके से बकायेदारों से वसूली कर रहे थे। जो राजस्व का हिस्सा माना जाता है।
आरोप लगाया कि वसूली के पैसे को रिश्वतखोरी आरोप लगाकर दोनों कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा हैं। इस दौरान कई बार विजिलेंस की टीम ने आक्रोशित लेखपाल संघ, संग्रह अमीन संघ से वार्ता की, जो विफल रही।
विजिलेंस टीम के प्रभारी प्रभात कुमार ने बताया कि रिश्वतखोरी के मामले में असंतुष्ट पक्ष खुद का पक्ष रख सकता है। इस दौरान विजलेंस और तहसील कर्मचारियों के बीच तीखी नोंक झोंक हुई। इस दौरान तहसील परिसर में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स तैनात रही।