उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ से प्री मानसून में 27% अधिक वर्षा, मई का महीना रहा ठंडा
उत्तराखंड में प्री-मानसून अवधि (1 मार्च से 31 मई) में सामान्य से 27% अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण लगातार प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ रहे। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

समय कम है?
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गणेश पांडे, काशीपुर। तीन माह की प्री मानसून अवधि 31 मई को बीत गई। इस बार लगातार प्रभावी पश्चिमी विक्षोभ आने से प्रदेश को अच्छी वर्षा मिली। खासकर तपाने वाली मई में सामान्य से डेढ़ गुना ज्यादा वर्षा हुई है।
मई पहले व अंतिम सप्ताह अच्छी वर्षा हुई, जबकि तीसरे सप्ताह चार दिन भीषण गर्मी वाले भी रहे। समग्रता में देखें तो एक मार्च से 31 मई के बीच होने वाली सामान्य वर्षा (158.2 मिमी) के सापेक्ष 27 प्रतिशत (201.7 मिमी) अधिक पानी बरसा है।
सामान्य से अधिक वर्षा होने से जंगल की आग पर रोकथाम के साथ गर्मी वाले दिनों में कमी आई। पंतनगर का डेटा देखा जाए तो तराई में एक से 12 मई का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। 19, 20, 21 व 25 मई को ही तापमान 40 डिग्री या इससे पार गया।
माह के अंतिम दिनों में पारा फिर नीचे आ गया। कुमाऊं में 40.5 डिग्री तापमान के साथ 20 मई सर्वाधिक गर्म रहा। 28.3 डिग्री पारे के साथ सात मई का दिन सबसे राहत वाला था। देहरादून, रुड़की, काशीपुर, खटीमा जैसे तपिश वाले इलाकों में पारे की ऐसी ही चाल रही।
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दूसरी ओर अप्रैल दूसरे पखवाड़े व मई शुरुआत की वर्षा, अंधड़ ने मैदानी भागों में गेहूं की फसल को प्रभावित किया व पर्वतीय क्षेत्र में ओलावृष्टि से सब्जियों की क्षति पहुंची।
प्री मानसून में सर्वाधिक 245.4 मिमी वर्षा रुद्रप्रयाग में होती है, लेकिन इस बार इसी एकमात्र जिले में सामान्य से कम वर्षा (-3 प्रतिशत) हुई।
ऊधम सिंह नगर, चंपावत, टिहरी जिलों में सामान्य से दोगुना या उससे ज्यादा वर्षा हुई। चंपावत ने सामान्य से 132 प्रतिशत अधिक वर्षा से चौकाया। कृषि विज्ञानी धनपत कुमार का कहना है पिछले सप्ताह हुई वर्षा से पर्वतीय क्षेत्र में खरीफ फसलों का जमाव अच्छा होगा।
प्री मानसून अवधि में वर्षा (मिमी में)
- जिला-वास्तविक-सामान्य
- अल्मोड़ा-202.7--126.4
- बागेश्वर-214.6--126.4
- चमोली-185.3--185.0
- चंपावत-243.4--105.0
- देहरादून-216.4--155.4
- पौड़ी-140.0--79.3
- टिहरी-292.9--138.7
- हरिद्वार-96.5--74.8
- नैनीताल-197.6--156.8
- पिथौरागढ़ -240.6--241.6
- रुद्रप्रयाग-238.0--245.4
- यूएस नगर 123.5 62.1
- उत्तरकाशी 210.0 190.8
पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड समेत आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। मौसम प्रणाली को अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिल रही है। इसी कारण दो दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में वर्षा हुई है। अगले दो-तीन दिन कुछ स्थानों पर खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। अगले सप्ताह अधिकतम तापमान में 6-8 डिग्री की वृद्धि संभव है।
- डा. सीएस तोमर, निदेशक, मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून
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