सिलक्यारा सुरंग निर्माण: धीमी गति से बढ़ी लागत, लक्ष्य पूरा करना मुश्किल
यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण कार्य धीमा है, जिससे नौ माह के लक्ष्य तक इसे पूरा करना चुनौतीपूर्ण है। इसकी लागत 1384 करोड़ रुपय ...और पढ़ें

निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग। स्रोत निर्माण कंपनी
HighLights
सिलक्यारा सुरंग निर्माण की गति धीमी, लक्ष्य पूरा करना कठिन
परियोजना की लागत 1384 करोड़ हुई, 20% काम शेष
इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्यों के लिए टीम पहुंची
अजय कुमार, उत्तरकाशी। यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन राज्य की सबसे लंबी (4.50 किमी) सड़क सुरंग सिलक्यारा-पोलगांव का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। अगले नौ माह में इस सुरंग का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लेकिन जिस गति से सुरंग में निर्माण कार्य चल रहे हैं, उसे देखकर निर्धारित लक्ष्य तक अवशेष निर्माण पूरा करना किसी चुनौती से कम नहीं होगा।
सुरंग में लाइनिंग के साथ ही सुरंग को डबल लेन में बांटने के लिए सुरंग के बीचोंबीच बनाई जा रही दीवार का निर्माण भी अभी तक पूरा नहीं हो पाया है।
बता दें कि केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी चारधाम आलवेदर रोड परियोजना में सिलक्यारा सुरंग का निर्माण वर्ष 2019 में शुरू हुआ था, जिसे अगले चार सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन अब तक इस सुरंग का निर्माण पूरा करने के लिए कई बार लक्ष्य बदले जा चुके हैं।
इस कारण सुरंग निर्माण की लागत 1384 करोड़ रुपए पहुंच गई है। वर्ष 2023 में यह सुरंग निर्माण कार्य के दौरान हुए एक हादसे के चलते देश-विदेश तक उस समय चर्चाओं में आ गई थी।
जब सुरंग का सिलक्यारा मुहाना बंद होने से 41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे, जिन्हें सकुशल बाहर निकालने के लिए 17 दिन लंबा रेस्क्यू आपरेशन चला था।
उस हादसे के चलते भी सुरंग का निर्माण कार्य कई महीनों तक बंद रहा था। बाद में, सुरंग निर्माण दोबारा से शुरू करने के लिए यहां कई दिनों तक डि-वाटरिंग करनी पड़ी थी।
अप्रैल 2025 में इस सुरंग निर्माण में बड़ी कामयाबी उस वक्त मिली, जब सफलतापूर्वक ब्रेक-थ्रू (आर-पार) हुई।
इसके बाद से ही सुरंग का निर्माण जल्द पूरा होने और इस पर यातायात चालू होने की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन अवशेष कार्यों को देखते हुए अभी इसके निर्माण पर एक वर्ष से डेढ़ वर्ष तक का समय लगने की संभावना है।
पूरी परियोजना पर अभी 20 प्रतिशत काम शेष
निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग से मिली जानकारी के अनुसार पूरी सड़क सुरंग परियोजना पर अभी सिविल तथा इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्य मिलाकर कुल 80 फीसदी कार्य हुआ है। वर्तमान में सुरंग की एक लेन में दो किमी तक व दूसरी में 1500 मीटर तक ही सबग्रेड व जीएसबी का काम हुआ है। वहीं, लाइनिंग का 900 मीटर तथा सुरंग के बीचोंबीच बनाई जा रही दीवार का निर्माण भी 1600 मीटर शेष है। वहीं, इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कामों में सुरंग में लाइटिंग, पावर, सुरक्षा आदि के काम किए जाने हैं।
इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्य को पहली टीम पहुंची
अच्छी खबर ये है कि सिलक्यारा सुरंग में करीब 150 करोड़ की लागत से प्रस्तावित इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल (ई एंड एम) कामों के लिए पहली टीम पहुंच गई है। चार दिन पूर्व पहुंची ये टीम सुरंग में कंट्रोल रूम में काम कर रही है। निर्माण कंपनी से मिली जानकारी अनुसार अभी दो टीमें और पहुंचेगी, जो सुरंग में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम को अत्याधुनिक फायर सप्रेशन सिस्टम भी स्थापित करेंगी।
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मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। सड़क में लाइनिंग, डबल लेन निर्माण को दीवार बनाने आदि छोटे-छोटे कार्यों सहित सुरंग में सड़क का निर्माण शेष है। अभी नौ माह का समय है, अवशेष कार्य पूरे कर लिए जायेंगे। कहीं कुछ ज्यादा दिक्कत आती है तभी एक से दो महीने का समय ज्यादा लग सकता है।
-श्रीराम, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग।
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