आखिर ऐसा क्या हुआ उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में? जिस कारण हुई मजदूर की दर्दनाक मौत
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में कंक्रीट ब्लॉक गिरने से एक श्रमिक की मौत हो गई। ...और पढ़ें

सिलक्यारा सुरंग।
HighLights
सिलक्यारा सुरंग में कंक्रीट ब्लॉक गिरने से हादसा
झारखंड निवासी 22 वर्षीय श्रमिक नरेश गंझू की मौत
श्रमिकों ने काम रोका, 26 लाख मुआवजे की घोषणा
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव (बड़कोट) सुरंग में अचानक गिरे कंक्रीट ब्लाक की चपेट में एक श्रमिक आ गया।
तत्काल श्रमिक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की सूचना पर आक्रोशित श्रमिकों ने सुरंग निर्माण का कार्य बंद कर दिया है। हालांकि निर्माण कंपनी के अधिकारी श्रमिकों को समझाने-बुझाने में जुटे हैं।
बता दें कि चारधाम आलवेदर सड़क परियोजना में निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव (बड़कोट) सुरंग राज्य की सबसे लंबी करीब साढ़े चार किमी सड़क सुरंगों में से एक है, जिसका निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है।
इस सुरंग की निर्माण कंपनी नवयुगा इंजीनियरिंग लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि यह हादसा शिफ्ट के दौरान बुधवार देर रात 12:40 बजे उस वक्त हुआ, जब कुछ श्रमिक सुरंग के बड़कोट छोर से करीब 710 मीटर की दूरी पर कुछ समय पूर्व हुए शाटक्रिटिंग वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे।
बताया कि इस दौरान शाटक्रिटिंग वाले क्षेत्र से करीब 15 से 20 किलो का कंक्रीट ब्लाक गिरा, नीचे से गुजर रहा एक श्रमिक इस ब्लाक की चपेट में आ गया।
हादसा इतना भयावह था कि कंक्रीट ब्लाक ने श्रमिक का हेलमेट फाड़ उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।
शिफ्ट इंचार्ज ने वाकी-टाकी के जरिए हादसे की सूचना दी, जिस पर सुरंग के अंदर पहले से मौजूद एक वाहन से घायल श्रमिक को तत्काल सीएचसी बड़कोट ले जाया गया।
जहां उसे चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। बाद में मृतक के शव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में पोस्टमार्टम कराया गया।
प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि मृतक की पहचान झारखंड निवासी 22 वर्षीय नरेश गंझू के रूप में हुई है, जो कोई उपकरण लेने एक से दूसरे स्थान पर जा रहा था।
सुरंग में पहली बार निर्माण कार्य के दौरान हुई श्रमिक की मौत से अन्य श्रमिकों में भारी रोष है, उन्होंने सुरंग निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।
मृतक श्रमिक के स्वजन को उत्तरकाशी बुलाया
निर्माण कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि मृतक श्रमिक के चार स्वजन को उत्तरकाशी बुलाया गया है।
इसके लिए चारों को झारखंड से दिल्ली तक फ्लाइट टिकट के साथ दिल्ली से सीधे बड़कोट आने के लिए कार उपलब्ध करवाई जा रही है।
बताया कि कंपनी की इंश्योरेंस पालिसी के अनुसार मृतक श्रमिक को करीब 26 लाख रुपए तक का मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
ढाई वर्ष पूर्व हुए हादसे की कड़वी यादें हुईं ताजा
सिलक्यारा सुरंग के अंदर हुए हादसे ने ढाई वर्ष पूर्व नवंबर 2023 में हुए हादसे की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं।
उस हादसे में सिलक्यारा छोर से महज 200 से 250 मीटर की दूरी पर भारी भूस्खलन हुआ था, जिसके चलते सुरंग निर्माण में लगे 41 श्रमिक सुरंग के अंदर फंस गए थे।
बाद में 17 दिन तक चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद ही उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था।
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