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    भाजपा की 'जीत पर सोने पे सुहागा': फलता चुनाव परिणाम ने पश्चिम बंगाल में भगवा लहर को कैसे किया मजबूत?

    Updated: Sun, 24 May 2026 10:51 PM (IST)

    भाजपा ने दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर 1,09,021 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की है। इस चुनाव में टीएमसी चौथे नंबर पर रही। ...और पढ़ें

    फलता विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सर्टिफिकेट के साथ भाजपा प्रत्याशी देवांग्शु पांडा (फोटो-भाजपा)

    फलता विधानसभा चुनाव में जीत के बाद सर्टिफिकेट के साथ भाजपा प्रत्याशी देवांग्शु पांडा (फोटो-भाजपा)

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    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भाजपा ने दक्षिण 24 परगना जिले की फलता विधानसभा सीट पर रिकॉर्ड वोट से जीत दर्ज की है। यहां भाजपा प्रत्याशी देबांग्शु पांडा ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा के शंभुनाïथ कुर्मी को 1,09,021 वोटों के भारी अंतर से मात दी।

    रविवार को 22 राउंड की गणना के बाद घोषित हुए नतीजों में देबांग्शु को 1,49,666 जबकि कुर्मी को 40,645 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला की झोली में 1,00,84 वोट आए। दूसरी तरफ तृणमूल के जहांगीर खान को मात्र 7783 वोट मिले और वह चौथे स्थान पर रहे।

    मालूम हो कि मतदान से 48 घंटे पहले जहांगीर ने चुनाव से हटने की घोषणा कर दी थी, हालांकि तब तक नामांकन वापसी की अवधि समाप्त हो चुकी थी इसलिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर उनका भी नाम था।

    इस जीत के साथ बंगाल में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है। भाजपा की बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत के अंतर का यह नया रिकॉर्ड है।

    हालिया संपन्न विधानसभा चुनाव में माटीगारा नक्सलबाड़ी सीट पर भाजपा प्रत्याशी आनंदमय बर्मन ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी तृणमूल के शंकर मालाकार को 1,04265 वोटों के अंतर से हराया था। बर्मन को 1,66,905 तो मालाकार को 62,640 वोट मिले थे।

    मालूम हो कि 2024 के लोकसभा चुनाव में इस विधानसभा सीट पर तृणमूल ने एक लाख से अधिक वोटों की बढ़त बनाई थी। 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां तृणमूल के शंकर कुमार नस्कर ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के बिधान पारुई को 40,774 वोटों से हराया था।

    नस्कर को 1,17,179 व पारुई को 76,405 वोट मिले थे। उस वक्त वाममोर्चा व कांग्रेस ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 7,452 वोट मिले थे।

    वहीं 2016 के विधानसभा चुनाव में भी यहां तृणमूल ने जीत दर्ज की थी। तृणमूल के तमोनाश घोष ने निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा के अद्र्धेंदु शेखर बिंदु को 27,671 वोटों से हराया था। तमानाश को 86,966 व अद्र्धेंदु को 59,295 वोट मिले थे।

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    21 मई को हुआ पुनमर्तदान

    फलता में सीट पर गत 21 मई को पुनमर्तदान हुआ था और 86.11 प्रतिशत की बंपर वोटिंग हुई थी। जहांगीर के हटने के बाद फलता में कुल पांच प्रत्याशी रह गए थे। मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस व वाममोर्चा में था।

    इस सीट पर पहले गत 29 अप्रैल को दूसरे व अंतिम चरण के तहत मतदान हुआ था, हालांकि विभिन्न पोलिंग बूथों में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा चुनाव कराने की घोषणा की थी, जिसपर तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि केंद्र सरकार व चुनाव आयोग जितना भी जोर लगा लें, यहां तृणमूल की ही जीत होगी। उसके बाद बेहद कड़ी सुरक्षा में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ।

    केंद्रीय बलों की 35 कंपनियों व 30 क्विक रिस्पांस टीमों की तैनाती की गई थी। प्रत्येक बूथ पर चार के बजाय आठ जवानों की तैनाती की गई थी। मतदान के दौरान कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी।

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