ममता बोलीं- नहीं दूंगी इस्तीफा, भाजपा ने दिखाया संविधान का आईना
ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया, बंगाल चुनाव परिणाम को जनादेश नहीं बल्कि साजिश बताया। ...और पढ़ें

चुनाव के बाद भी BJP-TMC में तकरार (फोटो-पीटीआई)

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार किया और आरोप लगाया कि बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम जनादेश नहीं बल्कि एक साजिश है।
साथ ही उन्होंने सड़कों पर उतरकर लड़ाई लड़ने और विपक्षी आइएनडीआइए को मजबूत करने का संकल्प लिया।
चुनाव के बाद भी आमने-सामने BJP-TMC
ममता ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ा, बल्कि उसकी लड़ाई निर्वाचन आयोग से थी, जिसने भाजपा के लिए काम किया।
वहीं भाजपा ने ममता के इस बयान पर कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है। भवानीपुर में ममता को हराने वाले भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि संविधान में सब लिखा है।
बता दें कि बंगाल में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर 294 सदस्यीय विधानसभा में निर्णायक बहुमत हासिल किया। सात मई को मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के एक दिन बाद ममता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि हमारी हार जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि एक साजिश के तहत हुई है। मैं लोक भवन नहीं जाऊंगी।
मुख्यमंत्री ममता ने मतगणना प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि लगभग 100 सीटों पर जनादेश को लूट लिया गया और उनकी पार्टी का मनोबल गिराने के लिए जानबूझकर मतगणना धीमी की गई।
ममता ने संकेत दिया कि संवैधानिक विकल्प अभी भी खुले हैं। उन्होंने विस्तार से बताए बिना कहा कि वह संवैधानिक मानदंडों के अनुसार कार्रवाई कर सकती हैं।
'मुख्य चुनाव आयुक्त खलनायक बन गए हैं'
ममता ने कहा कि मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा। इतिहास में एक काला अध्याय जुड़ गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त खलनायक बन गए हैं। यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां और अधिकारी मिलीभगत से काम कर रहे थे।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि छापेमारी, तबादले और पक्षपात ने हालात ऐसे बना दिए कि मुकाबला निष्पक्ष ना रहे और संस्थानों की निष्पक्षता पर सवाल उठाया।
विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी
चुनाव में हार के बाद रणनीति में बदलाव का संकेत देते हुए ममता ने कहा कि अब वह राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
ममता ने कहा कि गठबंधन के नेताओं ने मुझे फोन करके एकजुटता व्यक्त की। सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी मुझसे बात की है। अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव और हेमंत सोरेन के भी फोन आए।
आंदोलनकारी राजनीति में लौटने की घोषणा की
ममता ने कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलनकारी राजनीति में लौटने की घोषणा की। कहा कि जब तक मैं कुर्सी पर थी, मैंने बहुत कुछ सहन किया। अब मैं एक आजाद पंछी हूं, एक आम इंसान हूं। मैं संघर्ष करने वाली हूं। मैं सड़कों पर रहूंगी और सभी अत्याचारों के खिलाफ लड़ूंगी।
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ममता ने चुनाव के बाद हुई हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए 10 सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति के गठन की भी घोषणा की। उन्होंने 2021 में चुनाव के बाद हुई हिंसा के आरोपों को निराधार बताया।
आयोग ने ममता के आरोपों को बताया निराधारभवानीपुर विधानसभा सीट की मतगणना को लेकर उठे विवाद के बीच कोलकाता दक्षिण के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) रणधीर कुमार ने स्पष्ट किया है कि तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार ममता द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार और झूठे हैं।
डीईओ की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे कभी बंद नहीं किए गए और मुख्यमंत्री के साथ किसी तरह की धक्का-मुक्की या मारपीट की घटना पूरी तरह काल्पनिक है।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मतगणना प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोका गया था, क्योंकि ममता ने इसे रोकने पर जोर दिया था। बाद में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार उन्हें सूचित कर दोबारा प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
ममता ने आरोप लगाया था कि मतगणना के दौरान उन्हें और उनके एजेंटों को अंदर जाने से रोका गया, साथ ही उनके साथ मारपीट भी की गई। इन आरोपों को प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है।
'खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं'
भाजपा के प्रवक्ता देबजीत सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ममता जैसी बातें बोल रही हैं, उनसे वो खुद को ही हास्यास्पद बना रही हैं। वो कुछ दिनों तक प्रचार की रोशनी में रहना चाहती हैं, इसलिए वो ऐसी बातें कर रही हैं।
देबजीत सरकार ने कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है। वहीं दूसरी ओर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने कहा कि मामले में मेरा कुछ कहना उचित नहीं होगा।