चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सागर सोनकर गिरफ्तार, मर्डर की साजिश और 40 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप
सागर सोनकर, जो पहले टीएमसी और फिर भाजपा में सक्रिय थे, अब चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई जांच के घेरे में हैं। ...और पढ़ें
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सागर सोनकर गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
सागर सोनकर चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार।
पहले टीएमसी विधायक के लिए काम कर भाजपा में शामिल हुए।
सीबीआई जांच में 40 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप।
इंद्रजीत सिंह, कोलकाता। कोलकाता के श्यामपुकुर की गलियों में आज भी ऐसे पोस्टर नजर आते हैं, जिन पर सागर सोनकर की तस्वीर के साथ भाजपा की जीत और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में ‘परिवर्तन’ की तारीफ की गई है।
कुछ महीने पहले तक सागर स्थानीय भाजपा संगठन का सक्रिय चेहरा था और शुभेंदु के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ के दफ्तर में उसकी मौजूदगी आम थी।
अब उसी सागर और उसके छोटे भाई साहिब का नाम चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सीबीआइ जांच में सामने आया है। दोनों को हत्या की कथित साजिश में गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में भी दोनों के नाम हैं।
सोनकर परिवार की छठी पीढ़ी कोलकाता के श्यामपुकुर के जोड़ाबागान इलाके में रह रही है। इलाके में उसके परिवार के 70 से अधिक सदस्य रहते हैं और कई लोग राजनीति से जुड़े रहे हैं।
परिवार का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है। पहले वामपंथ के विरोध में कांग्रेस से जुड़ाव रहा और बाद में तृणमूल कांग्रेस के साथ संबंध बने। परिवार के कुछ सदस्य अब भाजपा में भी हैं।
पहले टीएमसी विधायक शशि पांजा के दफ्तर में किया काम
सागर ने 2011 से 2018 तक तत्कालीन तृणमूल विधायक शशि पांजा के कार्यालय में काम किया। बाद में अस्पताल में संविदा की नौकरी की। 2021 में भाजपा में आने के बाद उसकी मुलाकात चंद्रनाथ रथ से हुई। रथ ने उसे शुभेंदु अधिकारी के निजी कार्यालय से जुड़े काम में लगाया।
बाद में छोटा भाई साहिब भी इसी दायरे में आया। इसके बाद रथ और सागर की नजदीकी बढ़ती गई। भाजपा में आने के बाद सागर की स्थानीय पहचान मजबूत हुई और उसे अधिकारी के समर्थक के तौर पर प्रचारित किया गया।
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सीबीआइ के मुताबिक सागर भाजपा में आने के बाद भी एक प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के संपर्क में था। जांच में उसके कार्यालय से लैंडलाइन के जरिए संपर्क की बात सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी इसी संपर्क को हत्या की कथित साजिश की महत्वपूर्ण कड़ी मानकर जांच कर रही है।
जांच में कथित आर्थिक लेन-देन की भी पड़ताल
जांच में कथित आर्थिक लेन-देन और दूसरे आरोपितों से संपर्क की भी पड़ताल हुई है। सीबीआइ का आरोप है कि सागर ने हत्या की कथित साजिश में भूमिका निभाई और धन तथा अन्य व्यवस्थाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था।
जांच एजेंसी के अनुसार दिसंबर 2025 से हत्या की तैयारी शुरू हुई थी और करीब 40 लाख रुपये के कथित लेन-देन की कड़ी भी सामने आई है। मामले में कुल 11 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
इनमें कथित शूटर और बिचौलिये भी शामिल हैं। छह मई को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद राज्य के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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