शुभेंदु सरकार के 5 बड़े फैसले: 'डबल इंजन’ की रफ्तार से बदलते बंगाल की नई तस्वीर
पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सत्ता संभालते ही कई बड़े और त्वरित फैसले लिए हैं। ...और पढ़ें
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शुभेंदु सरकार के 5 बड़े फैसले (फोटो-पीटीआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
इंद्रजीत सिंह, कोलकाता। बंगाल में सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बेहद कम समय में ऐसे कई फैसले लिए हैं, जिनसे राज्य की राजनीति और प्रशासनिक दिशा दोनों तेजी से बदलती नजर आ रही हैं।
सरकार ने कानून-व्यवस्था, राष्ट्रवाद, शिक्षा सुधार, केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता को अपनी प्राथमिकता बताया है।
- सरकार के सबसे चर्चित फैसलों में बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को लंबित जमीन 45 दिनों के भीतर सौंपने का निर्णय शामिल है।
- साथ ही राज्य में घुसपैठ रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है।
- सरकार ने सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगाने और यातायात बाधित करने वाले धार्मिक जमावड़ों के खिलाफ सख्ती का निर्देश दिया है।
- इसके अलावा अवैध पशु वध और कथित गो-तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया गया है।
- स्कूलों व मदरसों में वंदे मातरम् गायन को अनिवार्य करने की घोषणा की गई है।
स्कूलों व मदरसों में वंदे मातरम् गायन अनिवार्य
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए स्कूलों व मदरसों में वंदे मातरम् गायन को अनिवार्य करने की घोषणा की गई है। साथ ही राज्य की ओबीसी सूची की समीक्षा कर कथित अनियमित श्रेणियों को रद करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात भी सरकार ने कही है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भाजपा सरकार ने जुलाई से स्वास्थ्य बीमा योजना, आयुष्मान भारत योजना लागू करने का फैसला किया है। कारीगरों और पारंपरिक श्रमिकों को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
नई शिक्षा नीति लागू करने की कयावद
राज्य कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग लागू करने के साथ ही नई शिक्षा नीति लागू करने की कयावद तेज कर दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप बनाया जा सकेगा।
खबरें और भी
सरकार ने जनगणना से जुड़े उस परिपत्र पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसे पिछली सरकार के दौरान रोक दिया गया था। महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा शुरू करने और अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी सरकार के प्रमुख फैसलों में शामिल है।
धर्म आधारित प्रोत्साहन योजनाओं को बंद करने का फैसला
साथ ही सरकार ने धर्म आधारित प्रोत्साहन योजनाओं को बंद करने का भी फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि अब किसी भी योजना का लाभ धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक जरूरत के आधार पर दिया जाएगा।
इसके अलावा बकरीद की छुट्टी में कटौती के फैसले को सरकार समान अवकाश नीति का हिस्सा बता रही है। इन फैसलों के जरिए भाजपा सरकार बंगाल में अपनी अलग प्रशासनिक और वैचारिक पहचान स्थापित करने की कोशिश में जुटी दिखाई दे रही है।