शुभेंदु अधिकारी ने गुरुद्वारे में धोए बर्तन, लंगर परोसा... खुद तिरंगा लेकर सड़क पर उतरे मुख्यमंत्री
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बार मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने भवानीपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा का नेतृत्व किया। ...और पढ़ें
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शुभेंदु अधिकारी ने गुरुद्वारे में लंगर परोसने के बाद धोए बर्तन (फोटो-एएनआइ)
HighLights
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में 'हर घर तिरंगा' यात्रा का नेतृत्व किया।
सत्ता परिवर्तन के बाद बंगाल में पहली बार हुई 'हर घर तिरंगा' यात्रा।
सीएम ने गुरुद्वारे में सेवा की।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। सत्ता परिवर्तन के बाद बंगाल में पहली बार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का रंग बड़े पैमाने पर दिखाई दिया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में तिरंगा यात्रा का नेतृत्व कर अभियान की शुरुआत की।
सर्वे बिल्डिंग से हाजरा मोड़ तक निकली इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते तिरंगे लहराते नजर आए और माहौल राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजता रहा।
हाजरा मोड़ पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि भवानीपुर से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की शुरुआत उनके लिए विशेष अवसर है। उन्होंने बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने पर आभार जताते हुए घोषणा की कि 10 अगस्त को नेताजी की प्रतिमा से एक और भव्य तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी।
इसमें करीब 50 हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। यात्रा बिरला तारामंडल के गेट नंबर सात तक जाएगी।
अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘दिल से तिरंगा, प्यार से तिरंगा, हर घर तिरंगा’ संदेश के अनुरूप यह अभियान देशभक्ति और राष्ट्रभावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब ‘राष्ट्रवादी सरकार’ है और राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
शुभेंदु अधिकारी ने गुरुद्वारे में धोए बर्तन
मुख्यमंत्री का शुक्रवार का कार्यक्रम केवल तिरंगा यात्रा तक सीमित नहीं रहा। दोपहर में वह भवानीपुर के एक गुरुद्वारे पहुंचे। केसरिया पगड़ी और सफेद कुर्ता-पायजामा पहने अधिकारी ने गुरुद्वारे में मत्था टेका और श्रद्धालुओं के साथ सेवा में भी हिस्सा लिया।
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सीएम ने लंगर में लोगों को भोजन परोसा और बर्तन धोने में भी हाथ बंटाया। इसके बाद वे अन्य श्रद्धालुओं के साथ बैठकर लंगर में भोजन भी किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भवानीपुर के विधायक और राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की सेवा करना उनका दायित्व है। सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य में पहली बार आयोजित इस तरह की तिरंगा यात्रा को सरकार की राष्ट्रवादी राजनीति और नए राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।