'बागियों के बिना भी हम मजबूत', ममता बनर्जी ने युवाओं से की विरोध की मांग; शुभेंदु को बताया हिटलर
बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोला और दो विधायकों को निष्कासित किया, कहा पार्टी उनके बिना और मजबूत होगी। ...और पढ़ें

TMC प्रमुख ममता बनर्जी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राजीव कुमार झा, कोलकाता। बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार व सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष के बीच पार्टी सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कड़ा संदेश दिया है।
पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में सोमवार को दो तृणमूल विधायकों-संदीपन साहा और ऋतब्रत बनर्जी को निष्कासित किए जाने के कुछ घंटे बाद ममता ने कहा कि ऐसे नेताओं के चले जाने से पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि टीएमसी उनके बिना और मजबूत होगी।

बागी नेताओं को किया निष्कासित
फेसबुक लाइव के जरिए अपने संदेश में ममता ने कहा कि कुछ लोग परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। जिन्हें पार्टी की संपत्ति समझा जाता था, वे अब चले गए हैं और हम उनके बिना बेहतर स्थिति में हैं। हम पार्टी का नए सिरे से पुनर्निर्माण करेंगे। टीएमसी नेताओं की नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की पार्टी है। जब तक कार्यकर्ता हमारे साथ हैं, हमें किसी बात की चिंता नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता जाने के बाद कुछ नेताओं ने तुरंत दूसरी पार्टी से समझौता कर लिया। ममता ने कहा कि कुछ विधायकों और सांसदों को डराकर या लालच देकर टीएमसी को कमजोर नहीं किया जा सकता।

शुभेंदु सरकार पर साधा निशाना
ममता ने शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए राज्य में पूर्ण अराजकता का आरोप लगाया और उसकी तुलना हिटलरशाही से की। उन्होंने कहा कि आज जो लोग बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, वे झूठ फैला रहे हैं। राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है।
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यहां तक कि हिटलर ने भी ऐसा नहीं किया था। दमन की सारी सीमाएं पार हो चुकी हैं। ममता ने आरोप लगाया कि टीएमसी कार्यकर्ताओं को घरों से निकलने नहीं दिया जा रहा है और पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की जा रही है।

अभिषेक पर हमले को लेकर भी फिर घेरा
ममता ने तृणमूल महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को सोनारपुर में हुए हमले को लेकर भी फिर घेरा।घटना को बेहद चौंकाने वाला बताते हुए ममता ने कहा कि उन्हें इलाज तक उपलब्ध कराने में बाधाएं खड़ी की गईं।
यह किस तरह की तानाशाही है? ममता ने कहा कि देश की दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के सांसद पर इस तरह हमला किया जाना बेहद गंभीर है।
नीट परीक्षा को लेकर भी उठाए सवाल
ममता ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाते हुए छात्रों से आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज की रीढ़ माने जाने वाले छात्रों को परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना चाहिए।