बंगाल के सरकारी अस्पतालों में दलालों पर लगेगी लगाम, आ रही है रंगीन I-Card व्यवस्था
पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों में दलालों और अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए रंग-आधारित पहचान पत्र प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। ...और पढ़ें
-1779733753512_m.webp)
HighLights
सरकारी अस्पतालों में दलालों पर अंकुश लगाने हेतु नई पहल।
कर्मचारियों के लिए अलग-अलग रंग के पहचान पत्र होंगे जारी।
25 मई से प्रमुख अस्पतालों में पंजीकरण प्रक्रिया होगी शुरू।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों में दलालों और अनधिकृत लोगों की घुसपैठ रोकने के लिए नई रंग-आधारित पहचान पत्र व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों को इस संबंध में सर्कुलर जारी किया है।
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टरों, नर्सों, लैब तकनीशियनों, प्रशासनिक कर्मचारियों, सुरक्षा कर्मियों और ग्रुप-डी स्टाफ के लिए अलग-अलग रंग के आइकार्ड होंगे।
अलग-अलग रंग के कार्ड
लैब कर्मचारियों के लिए नारंगी, नर्सों के लिए भूरे, प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए काले और सुरक्षा कर्मियों के लिए मैरून रंग तय किया गया है। सफाईकर्मियों को पीले और आउटसोर्स कर्मचारियों को नीले कार्ड दिए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि इससे अस्पताल परिसरों में प्रवेश नियंत्रण मजबूत होगा और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगेगी। हर अस्पताल भवन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो इस पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा।
एसएसकेएम, आरजी कर, एनआरएस, मेडिकल कॉलेज और नेशनल मेडिकल कॉलेज सहित सभी प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 25 मई से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो रही है, जिसे 28 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को हाई-स्पीड इंटरनेट, तकनीकी सहायता और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।
यह भी पढ़ें- बंगाल में बुलडोजर एक्शन पर भड़का गुस्सा, TMC नेता के करीबी की पिटाई