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    शुभेंदु सरकार की सख्ती के बाद हड़कंप, बांग्लादेश जाने के लिए बॉर्डर पर इकट्ठा हुए घुसपैठिए

    Updated: Tue, 26 May 2026 03:59 PM (GMT+05:30)

    शुभेंदु सरकार की 'डिटेक्स, डिलीट एंड डिपोर्ट' नीति के कारण पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों की भीड़ बांग्लादेश लौटने के लिए सीमा पर जमा हो गई है। ...और पढ़ें

    'डिटेक्स, डिलीट एंड डिपोर्ट' पॉलिसी का असर दिखने लगा है (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

    'डिटेक्स, डिलीट एंड डिपोर्ट' पॉलिसी का असर दिखने लगा है (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

    HighLights

    1. शुभेंदु सरकार की नीति से अवैध प्रवासियों में हड़कंप।

    2. बांग्लादेश लौटने के लिए सीमा पर उमड़ी भीड़।

    3. मालदा में अवैध प्रवासियों के लिए होल्डिंग सेंटर।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में अवैध घुसपैठ और बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई तेज होने के बाद सीमा क्षेत्रों में हलचल बढ़ गई है। उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट स्थित हाकिमपुर सीमा चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक जुट गए।

    इनमें पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को ट्राली, बर्तन व सामान के साथ सीमा पार कर वापस बांग्लादेश जाने की प्रतीक्षा करते देखा गया।

    सूत्रों के अनुसार, सोमवार को भी करीब 100 लोग सीमा चौकी के पास जमा हुए थे, जबकि बाहर 30 से 40 अन्य लोग इंतजार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ये लोग लंबे समय से न्यूटाउन, दमदम, डानकुनी सहित विभिन्न इलाकों में रह रहे थे।

    राज्य सरकार की ओर से जिलों में ‘होल्डिंग सेंटर’ खोलने और संदिग्ध अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई की घोषणा के बाद इनमें भय का माहौल बना है।

    राज्य की नई भाजपा सरकार ने ‘पहचानो, हटाओ और वापस भेजो’ नीति पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हाल में सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा था कि नागरिकता संशोधन कानून के दायरे से बाहर आने वालों को अवैध घुसपैठिया मानकर कार्रवाई की जाएगी।

    इसी बीच मालदा तथा मुर्शिदाबाद में होल्डिंग सेंटर शुरू कर दिए गए हैं। यहां संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है। यहां सीसीटीवी निगरानी और पुलिस सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध लोगों को 30 दिनों तक यहां रखकर दस्तावेजों और पहचान की जांच की जाएगी।

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    इधर बंगाल सरकार द्वारा संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को रखने के लिए ‘होल्डिंग सेंटर’ (हिरासत केंद्र) बनाने के निर्देश जारी किए जाने के बाद राज्य के विभिन्न जिलों में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

    कई जिलों में इसके लिए जगह की तलाश शुरू कर दी गई है। हालांकि, कई जिलों में अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं पहुंचने की बात भी सामने आई है।

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