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    'यूएसए मुर्दाबाद कहने वालों को जल्द मिलें 72 हूरें', ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 09:46 PM (IST)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में प्रदर्शनों पर कार्रवाई के जवाब में बड़े सैन्य हमले पर विचार कर रहे हैं। उन्हें ईरान पर हमले के नए विकल्पों क ...और पढ़ें

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (फाइल)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप। (फाइल)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वेनेजुएला पर हमला करके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंदी बनाकर लाने की सफलता से उत्साहित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ईरान पर बड़ा हमला करने पर विचार कर रहे हैं।

    अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान पर सैन्य हमलों के नए विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई है। ट्रंप ने भी कहा है कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की तो अमेरिका प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार है। उनकी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया में उनकी पार्टी के सीनेटर टेड क्रूज ने कहा, ''काश अमेरिका मुर्दाबाद कहने वालों को आज रात ही उनकी 72 हूरें मिल जाएं।''

    अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन वह प्रदर्शनों को दबाने के ईरानी सरकार की कोशिशों के जवाब में हमले को मंजूरी देने पर गंभीरता से विचार कर रहे थे। राष्ट्रपति को कई तरह के विकल्प दिए गए हैं, जिसमें राजधानी तेहरान में असैन्य ठिकानों पर हमले भी शामिल हैं।

    वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप को दिए गए कुछ विकल्प सीधे तौर पर ईरान की सुरक्षा सेवाओं के उन तत्वों से जुड़े हुए हैं जो बढ़ते विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि किसी भी सैन्य हमले का उलटा असर न हो, जैसे- ईरानी जनता सरकार के समर्थन में एकजुट न हो जाए या जवाबी हमलों की एक ऐसी श्रृंखला न शुरू हो जाए जो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य और राजनयिक कर्मियों के लिए खतरा बन जाए।

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    एक अधिकारी ने कहा कि इस क्षेत्र के कमांडर किसी भी संभावित हमले से पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मजबूत करने और ईरान के किसी संभावित जवाब की तैयारी के लिए और समय चाहेंगे। किसी भी सैन्य कार्रवाई में इस बात का संतुलन बनाना होगा कि अगर ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करती है तो ट्रंप के वादे को कैसे पूरा किया जाए और स्थिति भी और खराब न हो।

    संभावित हमलों की योजना के बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस ने ट्रंप की हालिया सार्वजनिक टिप्पणियों और इंटरनेट मीडिया पोस्ट का हवाला दिया। ट्रंप ने शनिवार को इंटरनेट मीडिया पर लिखा, ''ईरान आजादी की ओर देख रहा है, जैसा उसने शायद पहले कभी नहीं किया। अमेरिका मदद के लिए तैयार है!!!''

    उनकी इस पोस्ट के जवाब में रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज ने कहा कि अगर ईरानी लोग अयातुल्ला अली खामेनेई को हटा देते हैं, तो अमेरिका और पूरी दुनिया बहुत अधिक सुरक्षित हो जाएगी। क्रूज ने ईरानी सरकार का जिक्र करते हुए कहा, ''काश अमेरिका मुर्दाबाद कहने वालों को आज रात ही उनकी 72 हूरें मिल जाएं।''

    गौरतलब है कि मुद्रा संकट के जवाब में ईरान में दिसंबर के आखिर में प्रदर्शन शुरू हुए थे। अब ये काफी बड़े पैमाने पर फैल गए हैं क्योंकि कई ईरानियों ने देश की अधिनायकवादी सरकार में बड़े बदलावों की मांग की है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को कहा था कि सरकार विरोध प्रदर्शनों के कारण पीछे नहीं हटेगी।

    वहीं, ट्रंप ने ईरानी सरकार के प्रयासों के विरुद्ध बार-बार बल प्रयोग की धमकी दी है। शुक्रवार को उन्होंने कहा था, ''ईरान बड़ी मुसीबत में है। मैंने बेहद दृढ़ता से कहा है कि अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करेंगे, तो हम दखल देंगे। हम उन्हें वहीं मारेंगे जहां उन्हें सबसे नुकसान होगा। इसका मतलब जमीन पर सेना उतारना नहीं है। हम नहीं चाहते कि हमें ऐसा करना पड़े।''

    रूबियो ने की नेतन्याहू से बात

    अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार सुबह इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। सूत्रों ने बताया कि कि दोनों नेताओं ने ईरान में विरोध प्रदर्शनों व अमेरिकी दखल के साथ-साथ सीरिया की स्थिति और गाजा पट्टी में शांति समझौते पर चर्चा की। शनिवार सुबह रूबियो ने अपने निजी इंटरनेट मीडिया अकाउंट पर लिखा, 'अमेरिका ईरान के साहसी लोगों का समर्थन करता है।''

    इजरायल में हाई अलर्ट

    रायटर के अनुसार, ईरान में किसी भी अमेरिकी दखल की संभावना को लेकर इजरायल हाई अलर्ट पर है। सूत्रों ने हालांकि यह नहीं बताया कि व्यवहारिक तौर पर इजरायल में हाई अलर्ट का क्या मतलब है। कट्टर दुश्मन होने के बावजूद इजरायल ने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में दखल देने की किसी इच्छा का संकेत नहीं दिया है।

    शुक्रवार को एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया तो इसके भयानक परिणाम होंगे। विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उनका कहना था, ''मुझे लगता है कि हमें नजर रखनी चाहिए कि ईरान में क्या हो रहा है।''

    हमला किया तो इजरायल के साथ अमेरिकी अड्डों को कर देंगे बर्बाद : ईरान

    ईरान ने रविवार को धमकी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह इजरायल और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाबी कार्रवाई करेगा। ईरान के एलीट रिवोल्यूशनरी गा‌र्ड्स के पूर्व कमांडर और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने रविवार को संसद में यह चेतावनी तब दी जब ईरानी सांसद ''अमेरिका मुर्दाबाद'' के नारे लगा रहे थे।

    कलीबाफ ने कहा, ''अगर ईरान पर हमला हुआ, तो कब्जे वाले इलाके (इजरायल) के साथ-साथ सभी अमेरिकी अड्डे और पोत हमारे निशाने पर होंगे।''

    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने कहा, ''अमेरिकी राष्ट्रपति ने एलान किया है कि अगर ईरानी सरकार ने ऐसा या वैसा किया, तो वह प्रदर्शनकारियों का साथ देंगे। प्रदर्शनकारियों ने उन से उम्मीदें लगा रखी हैं। अगर वह इतने काबिल हैं, तो पहले अपने देश को संभाल लें।'' ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा कि अमेरिका और इजरायल दंगे करवाकर ईरान में अराजकता और अव्यवस्था फैलाना चाहते हैं।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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