युद्ध के दौरान फाइटर जेट क्रैश होने पर पायलट कैसे बचाते हैं जान? पूर्व वायुसैनिक ने बताया
ईरानी सेना द्वारा अमेरिकी F-15E फाइटर जेट गिराए जाने के बाद, एक पूर्व वायुसेना पायलट ने बताया कि दुश्मन क्षेत्र में फंसे पायलट अपनी जान बचाने के लिए क ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। शुक्रवार को ईरानी सेना ने अमेरिकी फाइटर जेट F-15E को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो पायलटों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा लापता है। लापता पायलट को बचाने के लिए अमेरिकी सैनिक ईरानी सेना के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहे हैं।
ईरान ने पायलट को पकड़ने या मारने के लिए इनाम रखा है। इस बीच एक पूर्व वायु सेना पायलट और एक बचावकर्मी ने एएफपी को बताया कि दुश्मन की सीमा के पीछे किसी को छिपाने, जीवित रहने और निकालने के लिए क्या करना पड़ता है।
दरअसल, रिटायर ब्रिगेडियर जनरल ह्यूस्टन कैंटवेल ने कहा, जब फाइटर जेट पर हमले होते हैं तो पायलट सोचते हैं- हे भगवान, मैं दो मिनट पहले एक लड़ाकू विमान में था, 500 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ रहा था, और एक मिसाइल फट गई, बिल्कुल आपके सिर से 15 फीट की दूरी पर।
प्रशिक्षण के दौरान दी जाती है जानकारी
कैंटवेल के पास इराक और अफगानिस्तान के ऊपर मिशन सहित 400 घंटे का लड़ाकू उड़ान अनुभव है। उन्होंने बताया कि पायलट को इसके लिए प्रशिक्षण के दौरान सबकुछ बताया जाता है, जिसे चुनौतीपूर्ण, बचाव, प्रतिरोध और पलायन (एसईआरई) के रूप में जाना जाता है। पायलट पैराशूट से जमीन पर उतरने से पहले ही एक्टिव हो जाता है।
खबरें और भी
कब और कहां जाना है?
इस दौरान पायलट जब जमीन की ओर रहे होते हैं तो उनको यह बात अच्छी तरह से पता चल जाती है कि वह कहां जा रहे हैं और कहां जाने से बच सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि पैराशूट से जमीन पर उतरने से पैर, टखने और टांग में चोट लगने का खतरा रहता है।
वे कहां छिप सकते हैं?
कैंटवेल ने बताया कि जमीन पर उतरने के बाद पायलट स्थिति का जायजा लेते हैं और पता लगाते हैं कि मैं किस हालात में हूं। क्या मैं हिल भी सकता हूं, क्या मैं चल-फिर सकता हूं? इसके बाद विमान पायलट यह पता लगाते हैं कि वे कहां हैं, क्या वे दुश्मन की सीमा के पीछे हैं, वे कहां छिप सकते हैं और वे कैसे संवाद कर सकते हैं।
जब तक हो सकता है विमान पायलट दुश्मन की चुंगल में फंसने की कोशिश करता है। अगर वह रेगिस्तानी इलाके में होता, तो मैं पानी ढूंढने की कोशिश करता है। इस दौरान उच्च प्रशिक्षित सैनिक और पायलट खोज अभियान में जुट जाते हैं और हर संभव उसे खोजने का प्रयास करते हैं। जिससे लापता पायलट को मानसिक शांति मिलती है।
कैंटवेल ने बताया फाइटर जेट क्रैश होने के बाद पायलट की पहली प्राथमिकता जमीन पर सुरक्षित उतरना और उसके बाद सुरक्षित जगह पर छिपना होता है। क्योंकि, वह पकड़ा नहीं जाना चाहते और ऐसे जगह पर पहुंचना चाहता हैं, जहां से उन्हें निकाला जा सके।