यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Joe Biden: महाभियोग के चक्र में फंसे जो बाइडन, कैसे और क्या होगी प्रक्रिया? डिटेल में पढ़े इनसाइड स्टोरी
अमेरिकी संविधान में प्रावधान है कि कांग्रेस देशद्रोह रिश्वतखोरी या अन्य उच्च अपराधों की स्थिति में राष्ट्रपति पर महाभियोग चला सकती है। इसकी जांच संसदी ...और पढ़ें

HighLights
- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की बढ़ी मुश्किलें
- अमेरिकी संविधान में महाभियोग को लेकर क्या है प्रक्रिया?
- अगले साल 2024 में होगा अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव
वाशिंगटन, एजेंसी। Joe Biden faces Impeachment Inquiry: नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति भारी मुसीबत में घिर गए है। रिपब्लिकन सांसदों ने मंगलवार को जो बाइडन के खिलाफ महाभियोग की जांच शुरू कर दी है।
रिपब्लिकन हाउस के सदस्यों ने डेमोक्रेट बाइडन पर अपने बेटे हंटर के विदेश में विवादास्पद व्यापारिक सौदों के बारे में अमेरिकी लोगों से 'झूठ' बोलने का आरोप लगाया है। बता दें कि अगले साल 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव होने है और इससे पहले ही जो बाइडन पर मुसीबतों को पहाड़ टूट पड़ा है। क्या और कैसे होगी प्रक्रिया? आइये जान लेते है।
क्या होगी प्रक्रिया?
अमेरिकी संविधान में प्रावधान है कि कांग्रेस 'देशद्रोह, रिश्वतखोरी या अन्य उच्च अपराधों और दुष्कर्मों' की स्थिति में राष्ट्रपति पर महाभियोग चला सकती है। इसकी जांच संसदीय समिति द्वारा की जाएगी। महाभियोग की प्रक्रिया दो चरण में चलाई जाती है। सबसे पहले, निचले प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति के खिलाफ लगाए गए आरोपों का विवरण और महाभियोग पर साधारण बहुमत से मतदान होता है। इसके बाद सीनेट राष्ट्रपति पर मुकदमा चलाती है। बहस के बाद, 100 सीनेटर हर एक आर्टिकल पर वोट करता है। दोषी ठहराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है, अगर ऐसा नहीं हो पाया तो राष्ट्रपति को बरी कर दिया जाता है।
जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग द्वारा कभी भी पद से हटाया नहीं गया है। जब डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी राष्ट्रपति पद पर थे तब सदन ने 2019 में और फिर 2021 में उन पर महाभियोग आर्टिकल को मंजूरी दी थी। हालांकि, दोनों बार में ही सीनेट ने ट्रंप को बरी कर दिया था। वर्तमान में अमेरिकी सीनेट पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण है, जिससे बाइडन पर महाभियोग की जांच चलाना असंभव माना जा रहा है।
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अमेरिकी चुनाव से पहले ही क्यों लिया ऐसा एक्शन?
- 2020 राष्ट्रपति चुनाव के बाद से ही रिपब्लिकन पार्टी के ट्रम्प विंग ने बाइडन के खिलाफ महाभियोग की जांच पर जोर दिया।
- इस साल सदन में बहुमत हासिल करने के बाद, रिपब्लिकन सांसदों ने दावा किया कि उनके पास बाइडन के खिलाफ 'गंभीर और विश्वसनीय आरोप' हैं। स्पीकर केविन मैक्कार्थी ने इसकी जानकारी दी।
- वहीं, डेमोक्रेट्स का कहना है कि2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले किसी भी महाभियोग की जांच से ट्रम्प को प्रतिनिधि सभा को अपने खेमे में करने में आसानी होगी।
- महाभियोग की जांच से, 91 आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं ट्रम्प की कानूनी कार्रवाई से जांत समिति का ध्यान भटकेगा।
- बाइडन की ईमानदारी की छवि उनके बेटे के मामलों के कारण धूमिल हो सकती है।
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