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    ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिका और यूरोप में ट्रंप का भारी विरोध, 'नो किंग्स' रैलियों में शामिल हुए लाखों लोग

    Updated: Sun, 29 Mar 2026 09:59 AM (IST)

    ईरान के साथ युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का अमेरिका और यूरोप में कड़ा विरोध हो रहा है। 'नो किंग्स' रैलियों में लाखों लोग सड़कों पर उत ...और पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान के साथ युद्ध को लेकर पूरे अमेरिका और यूरोप में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का कड़ा विरोध हो रहा है। शनिवार को हुई 'नो किंग्स' रैलियों में लाखों लोग इकट्ठे हुए और ट्रंप के उठाए गए कदमों का विरोध किया।

    मिनेसोटा इन प्रदर्शनों का मुख्य केंद्र रहा। सेंट पॉल में मिनेसोटा कैपिटल के लॉन और आस-पास की सड़कों पर हजारों लोग कंधे से कंधा मिलाकर खड़े थे। कुछ लोगों के हाथों में अमेरिका के उलटे झंडे थे, जो ऐतिहासिक रूप से संकट का संकेत माना जाता है।

    90 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद

    अमेरिकी आयोजकों का अनुमान है कि 'नो किंग्स' रैलियों के पहले दो दौर में जून में 50 लाख से ज्यादा और अक्टूबर में 70 लाख लोग शामिल हुए। इस हफ्ते उन्होंने पत्रकारों को बताया कि इस बार उन्हें 90 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनकी ये उम्मीदें पूरी हुईं या नहीं।

    आयोजकों ने बताया कि सभी 50 राज्यों में 3,100 से अधिक कार्यक्रम रजिस्टर्ड किए गए। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एबिगेल जैक्सन ने इसे वामपंथी फंडिंग नेटवर्क का नतीजा बताया। जैक्सन ने एक बयान में कहा, "इसकी परवाह सिर्फ वे रिपोर्टर करते हैं, जिन्हें इन्हें कवर करने के लिए पैसे मिलते हैं।"

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    नेशनल रिपब्लिकन कांग्रेसनल कमिटी ने भी कड़ी आलोचना की। NRCC की प्रवक्ता मौरीन ओ'टूल ने कहा, "अमेरिका-विरोधी ये रैलियां ही वह मंच हैं जहां धुर-वामपंथियों की सबसे हिंसक और विक्षिप्त कल्पनाओं को आवाज मिलती है।"

    यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक रैलियां आयोजित करने की योजना

    इन कार्यक्रमों की अगुवाई करने वाले समूह के सह-कार्यकारी निदेशक एजरा लेविन ने एक इंटरव्यू में बताया कि यूरोप से लेकर लैटिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया तक एक दर्जन से ज्यादा अन्य देशों में भी रैलियों की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में संवैधानिक राजतंत्र है वहां इन विरोध प्रदर्शनों को "नो टाइरेंट्स" (कोई तानाशाह नहीं) नाम दिया गया है।

    रोम में प्रदर्शनकारियों ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों का विरोध करते हुए बैनर लहराए और युद्ध से मुक्त दुनिया की मांग की। लंदन में ईरान में चल रहे युद्ध का विरोध कर रहे लोगों ने ऐसे बैनर थाम रखे थे जिन पर लिखा था, "अति-दक्षिणपंथ को रोको" और "नस्लवाद के खिलाफ खड़े हो।"

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