Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    आखिर किस डर से ट्रंप को बदलना पड़ा अपना विमान? अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद किया खुलासा

    Updated: Thu, 13 Aug 2026 12:03 AM (IST)

    राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वीकार किया कि पिछले महीने तुर्किए यात्रा से लौटते समय खतरे के कारण उन्हें गुप्त रूप से विमान बदलना पड़ा था। ...और पढ़ें

    ट्रंप ने तुर्किए से लौटते समय विमान बदलने की बात स्वीकारी

    ट्रंप ने तुर्किए से लौटते समय विमान बदलने की बात स्वीकारी

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को माना कि पिछले महीने तुर्किए की यात्रा से लौटने समय खतरे के कारण उन्हें विमान बदलना पड़ा था। इससे पहले सोमवार को एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ईरान से संभावित खतरे को देखते हुए अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप को अंकारा से एक गुप्त सैन्य उड़ान के जरिये ब्रिटेन पहुंचाया था।

    ट्रंप ने कहा कि पिछले महीने तुर्किए की यात्रा के बाद वह एयरफोर्स वन विमान से गुप्त तरीके से दूसरे विमान में चले गए थे। क्योंकि सीक्रेट सर्विस और सेना उन्हें अलग विमान से भेजना चाहती थी। यह कदम ए खतरे के कारण उठाया गया था, लेकिन वह इससे डरे नहीं थे। उन्होंने अपनी उड़ान से जुड़ी असाधारण गोपनीय कार्रवाई को महत्व नहीं देते हुए कहा कि वह इस मामले को लेकर ज्यादा चिंतित नहीं थे।

    ट्रंप ने विमान बदलने की बात स्वीकारी

    ट्रंप ने ओहायो में एक कार्यक्रम से लौटने के बाद पत्रकारों से कहा, 'वे चाहते थे कि मैं अलग उड़ान, अलग विमान से यात्रा करूं।' उन्होंने कहा कि इस मामले में उनके पास ज्यादा विकल्प नहीं था। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगा कि वहां कोई खतरा था। मैंने इसके बारे में ज्यादा पूछा नहीं।

    मुझे बहुत सारी धमकियां मिलती हैं। मुझे लगता है कि वास्तव में जिस विमान से मैंने यात्रा की, वह ज्यादा खतरे में था। मैं किसी चीज से चिंता नहीं करता। मेरा मानना है कि जो होगा देखा जाएगा।' उन्होंने इस वाकये का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।

    खबरें और भी

    ट्रंप को इस तरह दूसरे विमान में पहुंचाया गया

    ट्रंप का यह बयान अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर मुहर लगाता है, जिसमें यह कहा गया था कि पिछले महीने तुर्किए में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद ईरान की एक धमकी के कारण ट्रंप को दूसरे विमान से भेजा गया था। इस मामले को कई हफ्ते तक गोपनीय रखा गया था।

    रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के विमान में सवार होने के कुछ ही देर बाद उन्हें कैटरिंग ट्रक के जरिये एयरपोर्ट के एक हिस्से से बाहर निकाला गया और अमेरिकी वायुसेना के सी-32ए विमान में बैठाया गया था।

    ट्रंप को कैमरों के सामने पुराने एयर फोर्स वन में सवार कराने के बाद गोपनीय तरीके से एक कैटरिंग ट्रक के जरिये दूसरे विमान तक ले जाया गया था। कैटरिंग ट्रक का उपयोग विमान में खाने-पीने की चीजों और अन्य जरूरी सामग्री पहुंचाने के लिए किया जाता है।

    राष्ट्रपति की यात्रा रखी जाती है गुप्त

    अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए विदेश यात्राओं को पहले भी गुप्त रखा जाता रहा है, लेकिन इस तरह से नहीं। कई बार सुरक्षा कारणों से यात्रा कार्यक्रम और अन्य चीजों की जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाती है। हालांकि ट्रंप की तुर्किए से जिन स्थितियों में वापसी हुई, उसके बारे में अब भी कई जानकारी अज्ञात हैं।

    ईरान को पता था, कहां ठहरे हैं ट्रंप

    न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, तुर्किए में खतरे के बारे में जानकारी रखने वाले दो अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को कई तरह की जानकारी मिली थी।

    ईरानियों को इस बारे में अच्छी तरह पता था कि ट्रंप कहां ठहरे हुए हैं। उन्हें यह भी पता था कि वह किस मंजिल पर हैं। नाटो शिखर सम्मेलन स्थल के आसपास किसी व्यक्ति को कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल के साथ देखा गया था।

    26 साल पहले पाकिस्तान यात्रा पर क्लिंटन ने भी किया था ऐसा

    एएनआइ के अनुसार, साल 2000 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की भारत से पाकिस्तान की यात्रा से जुड़ा एक राज 26 साल बाद सामने आया है। व्हाइट हाउस की वरिष्ठ पत्रकार सुसान पेज ने बताया कि 2000 में अमेरिकी राष्ट्रपति की पाकिस्तान की उच्च जोखिम यात्रा से पहले क्लिंटन प्रशासन ने डिकाय (चकमा देने वाला) विमान के इस्तेमाल समेत असाधारण सुरक्षा कदमों की जानकारी दी थी।

    मार्च, 2000 में एयरफोर्स वन के निशान वाला एक अमेरिकी विमान इस्लामाबाद में कैमरों के सामने उतरा। विमान का दरवाजा खुला और सबसे पहले एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी बाहर आया, जो दिखने में क्लिंटन जैसा था। इसके कुछ समय बाद एक बिना निशान वाला दूसरा विमान वहां पहुंचा। क्लिंटन इसी विमान में मौजूद थे और उसके से बाहर निकले।

    यह भी पढ़ें- 'अल्लाह का शुक्र है', ट्रंप बोले- होर्मुज में खड़ी हो गई स्टील की दीवार, ईरान ने कहा- सत्ता से हटाने तक जारी रहेगी जंग

    यह भी पढ़ें- टैरिफ से रूसी तेल तक... भारतीयों की खरी-खरी से बैचेन हुए ट्रंप के सहयोगी नवारो, बोले- भूल नहीं सकता