'जल्द ही होगा खत्म', US-ईरान युद्ध में ट्रंप ने दिए शांति के संकेत; तेहरान ने थिएटर डिप्लोमेसी बताकर उड़ाया मजाक
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान से जुड़ा संघर्ष जल्द खत्म होगा, क्योंकि तेहरान इसे और नहीं खींच सकता। ...और पढ़ें

US-ईरान युद्ध में ट्रंप ने दिए शांति के संकेत(फोटो: पीटीआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि उनका मानना है कि ईरान से जुड़ा संघर्ष जल्द ही समाप्त होने की संभावना है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान अब इस युद्ध को बहुत लंबे समय तक नहीं खींच सकता।
वाशिंगटन में ओवल ऑफिस से संवाददाताओं को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने होर्मुज से जुड़ी बातचीत को लेकर भी उम्मीद जताई। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध जल्द ही खत्म होने वाला है। मुझे नहीं लगता कि वे इसे और अधिक समय तक खींच सकते हैं। उनका यह बयान इस बात का संकेत है कि लड़ाई अब उस मुकाम पर पहुंच गई है, जहां ईरान के लिए इसे जारी रख पाना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
ईरान का कड़ा पलटवार
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब जून में युद्धविराम के लिए हस्ताक्षरित 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के विफल होने के बाद, वाशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
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ईरान ने ट्रंप के इस बयान पर तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने कहा कि देश के सशस्त्र बल अमेरिका या इजरायल से मिलने वाली किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी के हवाले से उन्होंने कहा कि हर गुजरते दिन के साथ, दुश्मन की घटती क्षमताओं के संकेत अधिक स्पष्ट होते जा रहे हैं। लेकिन हमारे रक्षा उद्योग द्वारा समर्थित सशस्त्र बलों के पास किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए वह सब कुछ मौजूद है, जिसकी उन्हें आवश्यकता है।
ईरान की थिएटर डिप्लोमेसी पर खरी-खरी
ईरान की संसद के स्पीकर और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने भी वाशिंगटन पर कड़ा निशाना साधते हुए अमेरिकी रणनीति को थिएटर डिप्लोमेसी करार दिया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गलीबाफ ने लिखा कि बड़ा हमला होने वाला है, रुकिए, कोई बात नहीं, वे बातचीत करना चाहते हैं। यह लूप पर चल रही एक थिएटर डिप्लोमेसी है। बातचीत में फायदे के लिए धौंस जमाना + टूटे वादे + फेक न्यूज का इस्तेमाल करना एक विफल रणनीति है। तथ्यों को स्वीकार करें और अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करें। हमें अब और नाटक की आवश्यकता नहीं है।
दोनों पक्षों की ओर से आ रही ये टिप्पणियां उस गहरे अविश्वास को उजागर करती हैं जो अमेरिका-ईरान संबंधों के बीच लगातार बना हुआ है। यह स्थिति तब है, जब कूटनीतिक चैनल अब भी खुले हुए हैं और समुद्री सुरक्षा तथा क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर पर्दे के पीछे चर्चाएं जारी हैं।