अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच ट्रंप और पोप आमने-सामने, जाने क्यों शुरू हुई चर्च बनाम राज्य की लड़ाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV के बीच 'चर्च बनाम राज्य' की लड़ाई तेज हो गई है। ट्रंप ने पोप को चेतावनी देते हुए खुद को मसीहा जैसा बत ...और पढ़ें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और पोप लियो XIV की फाइल फोटो।
HighLights
ट्रंप ने पोप लियो XIV को खुले तौर पर चेतावनी दी थी
पोप ने ट्रंप के बयानों पर विवाद से इनकार किया
यह घटना 'चर्च बनाम राज्य' की लड़ाई का हिस्सा
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप इन दिनों पोप लियो XIV के पीछे पड़ गए है। ईरान के साथ-साथ पोप के खिलाफ भी लगातार बयानबाजी करते हुए नजर आ रहे है। हाल के कुछ दिनों में यह लड़ाई चर्च बनाम राज्य बन गया है। ट्रंप एक ऐसी संस्था के खिलाफ बयान लड़ रहे है, जो 2,000 साल पुरानी है। जिसने न जाने कितने साम्राज्यों को खतम होते देखा है।
आलोचकों ने इसे घमंड की हद कहा
हालांकि, एक तीखी पोस्ट में ट्रंप ने खुले तौर पर अमेरिका में जन्मे पोप लियो XIV को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था, "अगर मैं व्हाइट हाउस में नहीं होता, तो लियो वेटिकन में नहीं होते।" एक तरफ आलोचकों ने इसे घमंड की हद कहा तो दूसरी तरफ समर्थकों ने इसे सही कहा। अब मामला चाहे जो भी हो, इन पोस्ट से यही लग रहा है कि राष्ट्रपति किसी ऐसे रोल के लिए ऑडिशन दे रहे हैं जो आमतौर पर बैलेट से नहीं चुने जाते।
ट्रंप ने पोप के खिलाफ जो कुछ भी कहा हो, इस दौरान उन्होंने पोप के भाई लुईस की सिर्फ तारीफ ही की। इसके साथ ही ट्रंप के लिए एक पोस्ट साझा किया। जिसमें उनको किसी मसीहा जैसा दिखाया गया और वे किसी मुख्य कार्यकारी अधिकारी से ज्यादा 'दूसरे आगमन' (Second Coming) पर आए किसी उद्धारकर्ता जैसे लग रहे थे।
पोप ने लड़ाई में उतरने से किया इनकार
वहीं, दूसरी ओर, पोप लियो ने अल्जीरिया जाते समय हवाई जहाज में एक सधा हुआ जवाब देते हुए इस कीचड़-उछाल वाली लड़ाई में उतरने से इनकार कर दिया। पोप ने कहा, "मुझे ट्रंप प्रशासन से या गॉस्पेल के संदेश को जोर-शोर से सुनाने से कोई डर नहीं है। हम राजनेता नहीं हैं। हम विदेश नीति को उस नजरिए से नहीं देखते जिस नजरिए से शायद वह (ट्रंप) इसे समझते हैं, लेकिन मैं एक शांति दूत के तौर पर गॉस्पेल के संदेश में पूरा विश्वास रखता हूं।"
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इन सब के बीच ट्रंप के एक समर्थक ने ऑनलाइन पलटवार करते हुए कहा, "याद रखिए, पोप पिछले कुछ समय से ट्रंप के पीछे पड़े हुए हैं और लगातार राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। अगर कोई पोप को उनकी कुर्सी पर बैठा सकता हैं...तो मुझे पूरा यकीन है कि ईसा मसीह को ट्रंप की इस पोस्ट से कोई दिक्कत नहीं होगी।"
वैसे भी यह बात अगर यह कोई और राजनेता ने की होती, तो यह पोस्ट उसके राजनीतिक करियर को खत्म करने वाली एक बड़ी गलती साबित होती। लेकिन ट्रंप के 'MAGA' वाले दौर में, यह बस एक और 'पागलों भरा सोमवार' है, जो हर दिन की तरह गुजर जाएगा।