Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Video: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट में तबाह की ईरान की 'समुद्री सुरंग', धुआं-धुआं हुए माइन बिछाने वाले 16 जहाज

    Updated: Wed, 11 Mar 2026 09:17 AM (GMT+05:30)

    अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के कई माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है। यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, 16 जहाजों को निशाना ...और पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी ने कहा कि उसने मंगलवार को एक दर्जन से ज्यादा माइन बिछाने वाले ईरानी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट में मार गिराया है। वहीं, ईरान ने कहा कि वह इस इलाके में तेल एक्सपोर्ट नहीं होने देगा और वह अपने दुश्मनों को एक लीटर भी तेल नहीं भेजने देगा।

    यूएस सेंट्रल कमांड के अनुसार, तेहरान की इस अहम जलमार्ग में शिपिंग को रोकने की कोशिश को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। एक्स पर एक पोस्ट में यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार को कई ईरानी नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाया और नष्ट कर दिया।

    'माइन बिछाने वाले 16 जहाजों को किया तबाह'

    कमांड ने कहा, “यूएस फोर्स ने 10 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट के पास कई ईरानी नेवी के जहाजों को खत्म कर दिया, जिसमें 16 माइनलेयर भी शामिल थे।” साथ ही हमलों का एक वीडियो शेयर किया। यह दावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बाद आया है, जिन्होंने कहा था कि अमेरिकी सेना ने इलाके में माइन बिछाने वाले ईरानी जहाजों पर हमला किया है।

    ट्रंप ने क्या कहा?

    दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के मुताबिक 10 वेसल तबाह हो गए, जो मिलिट्री के 16 के दावे के उलट है। ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले कुछ घंटों में हमने 10 इनैक्टिव माइन बिछाने वाली बोट्स या शिप पर हमला किया है और उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दिया है और भी बहुत कुछ होने वाला है!”

    खबरें और भी

    अमेरिका के राष्ट्रपति ने तेहरान को अहम शिपिंग कॉरिडोर में नेवल माइंस लगाने के खिलाफ भी चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, “अगर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कोई माइंस लगाई हैं और हमारे पास ऐसा करने की कोई रिपोर्ट नहीं है तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटा दिया जाए!”

    यह भी पढ़ें: बदल गया युद्ध का मैदान... ड्रोन पहुंचा रहे दुश्मनों को सबसे ज्यादा नुकसान, पढ़ें रिवर्स इंजीनियरिंग की दिलचस्प कहानी