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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    India Canada Row: 'राजनयिकों की छूट रद करना वियना सम्मेलन के खिलाफ, लाखों लोगों पर सीधा असर', कूटनीतिक विवाद पर बोले जस्टिन ट्रूडो

    By AgencyEdited By: Sonu Gupta
    Updated: Sat, 21 Oct 2023 01:31 AM (GMT+05:30)

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि 41 कनाडाई राजनयिकों की कूटनीतिक छूट को रद करने का भारत का निर्णय वियना सम्मेलन का उल्लंघन है ...और पढ़ें

    कूटनीतिक विवाद में जस्टिन ट्रूडो ने फिर अंतरराष्ट्रीय कानून का अलापा राग। फाइल फोटो।
    कूटनीतिक विवाद में जस्टिन ट्रूडो ने फिर अंतरराष्ट्रीय कानून का अलापा राग। फाइल फोटो।

    HighLights

    1. ट्रूडो ने भारत की कार्रवाई को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत
    2. नई दिल्ली ने भारत में 41 कनाडाई राजनयिकों की कूटनीतिक छूट को एकतरफा रद करने का फैसला कियाः ट्रूडो

    पीटीआई, ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि 41 कनाडाई राजनयिकों की कूटनीतिक छूट को रद करने का भारत का निर्णय वियना सम्मेलन का उल्लंघन है और इससे दुनिया के सभी देशों को चिंतित होना चाहिए। इससे पहले भी राजनयिकों को मिली कूटनीतिक छूट खत्म करने को कनाडा ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। कनाडा के दावे को भारत द्वारा खारिज करने के कुछ देर बाद ट्रूडो ने यह टिप्पणी की।

    कूटनीति पर क्या बोले ट्रूडो?

    ओंटारियो में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कनाडाई पीएम ने कहा कि भारत सरकार इस फैसले के बाद दोनों देशों में लाखों लोगों के लिए जीवन को सामान्य रूप से जारी रखना अविश्वसनीय रूप से कठिन बना रही है। वह कूटनीति के एक बहुत ही बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन करके ऐसा कर रही है।

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    ट्रूडो ने भारत की कार्रवाई को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत

    ट्रूडो ने दावा किया कि भारत ने जो कार्रवाई की वह अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत है। उन्होंने कहा, नई दिल्ली ने भारत में 41 कनाडाई राजनयिकों की कूटनीतिक छूट को एकतरफा रद करने का फैसला किया। यह वियना सम्मेलन का उल्लंघन है। यह शासकीय कूटनीति के खिलाफ है। ऐसा करके भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति के एक बहुत ही बुनियादी सिद्धांत का उल्लंघन कर रही है।

    कनाडा ने अपने 41 राजनयिकों को बुलाया था वापस

    मालूम हो कि भारत और कनाडा के बीच सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जोली ने कहा था कि उनके देश के 41 राजनयिकों को मिली छूट वापस लेने की भारत द्वारा धमकी दिए जाने के बाद कनाडा ने इन राजनयिकों एवं उनके परिवारों को वापस बुला लिया है।

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