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    जापान में 9 मिलियन लोगों ने क्यों छोड़ा अपना घर? मीलों तक पसरा सन्नाटा; Interesting Story

    Updated: Sun, 24 May 2026 08:26 PM (IST)

    जापान में लगभग 90 लाख घर खाली पड़े हैं, जिन्हें 'अकिया' कहा जाता है, जो देश के कुल घरों का 13.8% है। जनसंख्या में गिरावट, बुजुर्ग आबादी, पलायन, विरासत ...और पढ़ें

    जापान में क्यों खाली पड़े हैं 90 लाख घर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

    जापान में क्यों खाली पड़े हैं 90 लाख घर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जापान में इस समय करीब 90 लाख घर खाली पड़े हैं। ये अधूरे प्रोजेक्ट या निर्माणाधीन इमारतें नहीं हैं, बल्कि ऐसे घर और अपार्टमेंट हैं जहां अब कोई नहीं रहता। कई घरों की खिड़कियों पर अब भी पर्दे लगे हैं, लेकिन बगीचे जंगल बन चुके हैं और छतें धीरे-धीरे टूटने लगी हैं।

    जापान में इन खाली घरों को 'अकिया' कहा जाता है। साल 2023 के हाउसिंग सर्वे के मुताबिक देश के करीब 13.8 प्रतिशत घर अब खाली हैं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे आबादी में गिरावट, बुजुर्ग होती जनसंख्या, गांवों से शहरों की ओर पलायन, विरासत से जुड़े विवाद और सरकारी टैक्स नियम जैसे कई कारण हैं।

    क्यों खाली पड़े हैं लाखों घर?

    जापान में कई घर परिवारों को विरासत में मिलते हैं, लेकिन नई पीढ़ी नौकरी और बेहतर जीवन के लिए दूसरे शहरों में चली जाती है। समय के साथ लोग इन घरों से जुड़ाव खो देते हैं या उनकी देखभाल महंगी लगने लगती है।

    जापान का प्रॉपर्टी टैक्स सिस्टम भी इस समस्या को बढ़ाता है। अगर जमीन पर घर बना हो तो टैक्स काफी कम लगता है, लेकिन घर तोड़ने पर टैक्स बढ़ जाता है। इसी वजह से लोग पुराने और खाली घरों को गिराने के बजाय वैसे ही छोड़ देते हैं।

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    इसके अलावा पुराने घरों को तोड़ना भी काफी महंगा होता है। एक साधारण लकड़ी के घर को गिराने में लगभग 10 से 15 लाख येन तक खर्च आ सकता है। कम कीमत वाले घरों के लिए इतना खर्च करना लोगों को सही नहीं लगता।

    विरासत विवाद भी बड़ी वजह

    कई बार एक ही घर कई वारिसों में बंट जाता है। कुछ लोग दूसरे शहरों या विदेशों में रहते हैं, जबकि कुछ को तो यह भी नहीं पता होता कि उनकी उस संपत्ति में हिस्सेदारी है। ऐसे मामलों में घर को बेचना, गिराना या उसकी मरम्मत कराना मुश्किल हो जाता है, क्योंकि सभी मालिकों की सहमति जरूरी होती है।

    कई बार दस्तावेज पूरे नहीं होते और मालिकाना हक स्पष्ट नहीं होता, जिससे मामला सालों तक अटका रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसी कारण बड़ी संख्या में घर लंबे समय तक खाली पड़े रहते हैं और धीरे-धीरे बेकार होते जाते हैं।

    सालों तक खाली रहने पर क्या होता है?

    जब घर लंबे समय तक खाली रहते हैं, तो उनकी हालत तेजी से खराब होने लगती है। छतों से पानी टपकने लगता है, लकड़ी कमजोर हो जाती है और घरों के अंदर फफूंदी फैलने लगती है। खाली घरों में झाड़ियां और पेड़ उग आते हैं, जबकि कीड़े और दूसरे जानवर भी वहां रहने लगते हैं। कई बार ये इमारतें आसपास के लोगों के लिए खतरा बन जाती हैं।

    स्थानीय प्रशासन को कई बार ऐसे घरों के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि कई ‘अकिया’ दशकों से खाली पड़े हैं और अब उन्हें दोबारा रहने लायक बनाना बेहद मुश्किल और महंगा हो चुका है।

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