सीजफायर के लिए तैयार नहीं ईरान, कहा- स्थायी समाधान से कम कुछ भी मंजूर नहीं; कितना लंबा चलेगा युद्ध?
ईरान ने पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के स्थायी समाधान पर जोर दिया है, युद्धविराम को अस्वीकार करते हुए। उसने पाकिस्तान में प्रस्तावित वार्ता से इ ...और पढ़ें
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स्थायी समाधान से कम ईरान को कुछ भी मंजूर नहीं। (रॉयटर्स)
HighLights
ईरान ने युद्धविराम नहीं, स्थायी समाधान की मांग की।
अमेरिका के 48 घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराया।
ईरानी सेना ने अमेरिकी ठिकानों वाले देशों को चेताया।
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल ऐसे समझौते के लिए तैयार होगा, जिससे युद्ध का “निर्णायक और स्थायी अंत'' सुनिश्चित हो। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर कहा कि तेहरान की प्राथमिकता युद्धविराम नहीं, बल्कि उस अवैध युद्ध की ऐसी समाप्ति है जिसमें भविष्य में दोबारा संघर्ष की स्थिति न बने।
उन्होंने अमेरिकी मीडिया में आई उन खबरों को गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि ईरान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में प्रस्तावित वार्ता में भाग लेने से इनकार कर दिया है।
रायटर्स के अनुसार, अराघची ने कहा कि ईरान ने वार्ता से इनकार नहीं किया है, बल्कि वह पहले उन शर्तों को स्पष्ट करना चाहता है जिनके आधार पर स्थायी समाधान संभव हो सके। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने रिपोर्ट दी थी कि ईरान ने मध्यस्थों को संकेत दिया है कि वह मौजूदा अमेरिकी प्रस्तावों को स्वीकार्य नहीं मानता और निकट भविष्य में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने के पक्ष में नहीं है।
आईएएनएस के अनुसार, ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिका ने एक मित्र देश के माध्यम से 48 घंटे के युद्धविराम का प्रस्ताव भेजा था, जिसे तेहरान ने ठुकरा दिया। एजेंसी के अनुसार, यह प्रस्ताव ऐसे समय भेजा गया जब कुवैत के बुबियान द्वीप स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ईरानी हमले के बाद क्षेत्रीय संकट और गहरा गया। रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान ने लिखित जवाब देने के बजाय युद्धक्षेत्र में हमले जारी रखकर अपना रुख स्पष्ट किया।
पाकिस्तान बोला, शांति वार्ता ठप नहीं
एपी के अनुसार, पाकिस्तान ने इस बीच उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका और ईरान के बीच संवाद कराने की उसकी पहल प्रारंभिक शांति प्रस्तावों के आदान-प्रदान के बाद बाधित हो गई है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने ऐसी खबरों को “निराधार'' और “कल्पना पर आधारित'' बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्र में संवाद और शांति बहाली के प्रयास जारी रखे हुए है।
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अमेरिका को बाहर निकालें क्षेत्रीय देश
ईरानी सशस्त्र बलों के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को कड़ी चेतावनी दी है। मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि जिन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं, उन्हें अमेरिकी बलों की वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए, अन्यथा वे भी संभावित हमलों की जद में आ सकते हैं। उन्होंने अमेरिकी और इजरायली परिसंपत्तियों पर “कुचल देने वाले हमलों'' की चेतावनी दी।
पेजेशकियान ने अमेरिकी मंशा पर उठाए सवाल
एएनआई के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भी अमेरिका की कूटनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि हालिया हमले में विदेश नीति से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी की मौत हो गई, जबकि उस अधिकारी पर कथित हत्या का प्रयास किया गया था। पेजेशकियान ने कहा कि जब वह अमेरिकी जनता को संबोधित कर रहे थे, उसी समय यह हमला हुआ। उन्होंने लिखा, “दुनिया तय करे कि संवाद कौन चाहता है और आतंक की राह कौन चुन रहा है।''