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    कभी खुल रहा, कभी बंद... होर्मुज पर ईरान-अमेरिका के बीच तकरार; जलडमरूमध्य का भविष्य क्या?

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 08:09 AM (IST)

    अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में तनाव फिर बढ़ गया है। 50 दिनों से जारी इस गतिरोध में कोई समाधान नहीं दिख रहा। ईरान ने अमेरिका पर भरोसा तोड़न ...और पढ़ें

    होर्मुज पर ईरान-अमेररिका में तकरार बरकरार। (रॉयटर्स)

    होर्मुज पर ईरान-अमेररिका में तकरार बरकरार। (रॉयटर्स)

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    जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच तनाव शुरू हुए 50 दिन हो चुके हैं, लेकिन उनके बीच समाधान का कोई ओर-छोर नजर नहीं आ रहा है।

    ये तब है जबकि एक दौर की शांति वार्ता भी हो चुकी है। लेबनान में युद्धविराम के आधार पर होर्मुज स्ट्रेट खोलने की घोषणा करने वाले ईरान ने शनिवार को इसे बंद करने का एलान कर दिया।

    ईरान ने कहा कि अमेरिका द्वारा बार-बार भरोसा तोड़े जाने की वजह से होर्मुज और ओमान सागर से जहाजों के आवागमन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जा रहा है। होर्मुज पर अब ईरानी नौसेना का सख्त नियंत्रण लागू रहेगा।

    ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी नहीं हटाता, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। इसके साथ ही ईरान ने भविष्य में होर्मुज से जहाजों के गुजरने के लिए नया प्रोटोकॉल भी बना दिया है। इसके तहत जो जहाज सुरक्षा शुल्क देंगे, उन्हें होर्मुज पार करने में वरीयता दी जाएगी।

    रास्ते से ही वापस लौटे 27 जहाज

    ईरान के नए कदम के बाद होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे 27 जहाजों को बीच रास्ते से लौटना पड़ा, जबकि आठ जहाज निकलने में सफल रहे। ईरान के नए कदम पर ट्रंप ने चेतावनी दी कि होर्मुज को बंद करके तेहरान अमेरिका को ब्लैकमेल नहीं कर सकता।

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    बता दें कि युद्धविराम की मियाद बुधवार, 22 अप्रैल को पूरी हो रही है। दोनों पक्षों के बीच वार्ता की तारीख को लेकर भी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका से उसे नया शांति प्रस्ताव मिला है। हालांकि, इसके तथ्यों का खुलासा नहीं किया गया है।

    इस बीच, सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने एक बयान में कहा कि ईरान की नौसेना दुश्मनों को नई हार का स्वाद चखाने के लिए पूरी तरह तैयार है। वहीं, अमेरिकी सेना ने कहा है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री इलाके में ईरान से जुड़े तेल टैंकरों को जब्त किया जा सकता है।

    Strait hormuz reuters

    गौरतलब है कि सात सप्ताह से जारी संघर्ष के दौरान ईरान केवल उन्हीं जहाजों को गुजरने दे रहा था, जिन्हें उसकी अनुमति प्राप्त थी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक्स पर एक पोस्ट में होर्मुज को खोले जाने की बात कही थी। ट्रंप ने इसका स्वागत किया था।

    हालांकि, बाद में ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि भले ही ईरान ने होर्मुज को खोल दिया हो, लेकिन ईरानी बंदरगाहों से निकलनेवाले जहाजों के लिए अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी तेहरान के साथ शत प्रतिशत शांति समझौता होने तक जारी रहेगी।

    ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की तरफ से शुक्रवार को होर्मुज को बंद करने की चेतावनी दी गई थी। रॉयटर्स के अनुसार, ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि होर्मुज अब सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में है और जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर नाकेबंदी जारी रखेगा, तब तक इस मार्ग से आवाजाही बाधित रहेगी।

    तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को आवागमन के लिए रास्ता दिया- ईरान

    सैन्य कमान के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत के बीच नेक नीयत के साथ होर्मुज से सीमित संख्या में तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों को आवागमन के लिए रास्ता दिया था। लेकिन अमेरिका भरोसा तोड़ने से बाज नहीं आ रहा, लिहाजा कड़े कदम उठाने पड़ रहे हैं।

    उधर, आईआरजीसी नौसेना ने जहाज कंपनियों को निर्देश जारी किया है कि होर्मुज स्ट्रेट के संबंध में वे केवल रिवोल्यूशनरी गार्ड की तरफ से जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। इस जलमार्ग पर ट्रंप का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए उनकी टिप्पणियां अमान्य हैं।

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    ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि होर्मुज की स्थिति पुरानी व्यवस्था में लौट रही है। जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए ईरानी नौसेना की अनुमति लेनी होगी और शुल्क चुकाना होगा। एएनआई ने सीएनएन के हवाले से बताया कि ईरानी अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि होर्मुज से जहाजों को गुजरने के लिए नया प्रोटोकॉल बनाया गया है।

    सीमित संख्या में ही जहाजों को गुजरने की अनुमति होगी, ऐसे में उन जहाजों को वरीयता दी जाएगी, जो सुरक्षा शुल्क चुकाने को तैयार होंगे। जो निर्धारित शुल्क नहीं चुकाएंगे, उनके पारगमन को स्थगित कर दिया जाएगा।

    स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का नियंत्रण

    ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि युद्ध पूरी तरह खत्म होने तक स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान का नियंत्रण बना रहेगा। इसके तहत तय मार्ग, शुल्क भुगतान और ट्रांजिट प्रमाणपत्र अनिवार्य होंगे।

    वहीं, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह ने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है, इसलिए प्रतिक्रिया तो होगी ही। उन्होंने कहा कि अमेरिका न केवल अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जोखिम में डाल रहा है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा रहा है। वे पूरी तरह गलत अनुमानों पर काम कर रहे हैं।

    ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने आर्मी डे पर सेना की सराहना करते हुए कहा कि उसने अमेरिका और इजरायल की साजिशों का डटकर मुकाबला किया। उन्होंने कहा कि ईरानी प्रतिरोध ने दोनों देशों की कमजोरी और अपमान को दुनिया के सामने उजागर कर दिया। खामेनेई ने सेना की बहादुरी और राष्ट्रीय एकता की भी प्रशंसा की।

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    एपी के अनुसार, सात सप्ताह तक युद्ध के कारण बंद रहने के बाद ईरान ने शनिवार को अपने हवाई क्षेत्र को आंशिक रूप से खोलने की घोषणा की। नागरिक उड्डयन संगठन के अनुसार, पूर्वी ईरान के ऊपर हवाई मार्ग सुबह से बहाल कर दिए गए। एयरपो‌र्ट्स पर उड़ानें धीरे-धीरे शुरू होंगी, हालांकि समयसीमा स्पष्ट नहीं है।

    ट्रंप की बयानबाजी पर ईरान की तीखी प्रतिक्रिया

    न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, होर्मुज बंद करने से भड़के ट्रंप ने शनिवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन अमेरिका सख्त रुख बनाए रखेगा। ट्रंप ने कहा कि हमारी बहुत अच्छी बातचीत चल रही है, लेकिन वे हमेशा की तरह चालाकी दिखा रहे हैं।

    ईरान के पास कुछ भी नहीं बचा, लेकिन हम उनसे बात कर रहे हैं। उन्होंने होर्मुज पर तेहरान के नए रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले 47 साल से ईरान इस क्षेत्र में दबंगई दिखा रहा है।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान की वजह से कई लोगों, खासकर अमेरिकी नागरिकों की जान गई है। ट्रंप के अनुसार, बातचीत जारी रहने के बावजूद वॉशिंगटन किसी भी समझौते में ढील देने के मूड में नहीं है और अपने हितों की रक्षा के लिए सख्त रुख बनाए रखेगा।

    अमेरिका के नए शांति प्रस्तावों की ईरान में समीक्षा

    एपी के अनुसार, ईरान ने कहा है कि वह अमेरिका की ओर से हाल में दिए गए नए प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है, लेकिन बातचीत में अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बयान में कहा कि वॉशिंगटन ने हाल के दिनों में कुछ नए प्रस्ताव पेश किए हैं, जिनका आकलन किया जा रहा है और अब तक कोई अंतिम जवाब नहीं दिया गया है।

    ईरान ने स्पष्ट किया कि कूटनीतिक चैनल खुले हैं, लेकिन उसका रुख पहले जैसा ही सख्त बना हुआ है। परिषद ने कहा कि वार्ता टीम जरा भी समझौता, पीछे हटना या नरमी नहीं बरतेगी और ईरानी जनता के हितों की पूरी ताकत से रक्षा करेगी।

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