नाम से ही कांपते हैं दुश्मन: अमेरिका के M1A2 से इजरायल के Mk4 तक... इन 6 देशों के पास हैं सबसे शक्तिशाली टैंक
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच आज हम आपको अमेरिका के M1A2 अब्राम्स, इजरायल के मर्कवा Mk4, से लेकर रूस के T-14 आर्मटा तक कुछ ऐसे टैंकों के बारे में ब ...और पढ़ें

किस देश के पास कितने शक्तिशाली टैंक

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान के साथ जारी लड़ाई में अमेरिका ने डुअल ट्रैक स्ट्रैटजी अपनाई है। एक तरफ जहां अमेरिका ईरान के साथ सीजफायर की कोशिश में लगा हुआ है, तो दूसरी ओर ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी में लगा है।
दरअसल, अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सैनिकों, युद्धपोतों और फाइटर जेट्स की संख्या बढ़ाई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि, अभी जमीनी ऑपरेशन को लेकर ट्रंप या अमेरिकी प्रशासन की ओर से किसी बड़े जमीनी युद्ध या सैनिक उतारने की मंजूरी नहीं दी गई है।
लेकिन अगर अमेरिका, ईरान के खिलाफ ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करता है, तो उसके पास M1A2 अब्राम्स टैंक है, जो दुश्मनों पर कई किलोमीटर दूर से सटीक वार करता है। वहीं, इजरायल के पास मर्कवा Mk4 है, जो एंटी टैंक मिसाइलों और रॉकेट को हवा में ही नष्ट कर देता है। अमेरिका इजरायल के अलावा किस देश के पास कितनी ताकतवर टैंक है, चलिए जानते हैं...
अमेरिका के पास कौन सा टैंक?
अमेरिका के पास M1A2 एब्रम टैंक है। इस टैंक को दुनिया के सबसे घातक युद्ध क्षेत्रों में परखा गया है। इस विशालकाय टैंक का वजन 66 से 73 टन होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भारी होने के बावूजद अपने 1,500 HP गैस टर्बाइन इंजन के दम पर 67 किमी/प्रतिघंटे की रफ्तार से दुश्मनों पर अटैक करने में सक्षम है।
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इसकी सबसे बड़ी शक्ति इसका 120mm स्मूथबोर गन और उन्नत कंपोजिट कवच है, जिसमें डिप्लीटेड यूरेनियम की परतें लगी हुई हैं। यह दुश्मनों के टैकों को मीलों से तो नष्ट करता ही है, साथ में एंटी-टैंक मिसाइलों के खिलाफ एक अभेद्य सुरक्षा कवच भी प्रदान करता है। यह 'हंटर-किलर' तकनीक का उपयोग कर रात के अंधेरे या धूल के गुबार में भी दुश्मन को पहचान लेती है।
जर्मनी का Leopard 2A7+
जर्मनी का Leopard 2A7+ वर्तमान में यूरोप का सबसे उन्नत और घातक मुख्य युद्धक टैंक माना जाता है। यह टैंक शहरी और रेगिस्तानी युद्ध में अपनी बेजोड़ सटीकता और संतुलन के लिए विख्यात है। इसका वजह लगभग 63 टन है, जो 1,500 HP के शक्तिशाली डीजल इंजन से लैस है। यह ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी आसानी से चल सकता है। इसकी अधिकतम गति 68 किमी/प्रति घंटे है।

इसकी असली पहचान इसकी 120mm Rheinmetall L/55 स्मूथबोर तोप है। इसे दुनिया की सबसे सटीक टैंग गनों में से माना जाता है। यह टैंक मॉड्यूलर कवच और उन्नत फायर-कंट्रोल प्रणाली से लैस है। यह न सिर्फ खुले मैदान बल्कि रेगिस्तान में भी दुश्मनों के लिए काल है।
रूस का T-14 Armata टैंक
रूस के T-14 आर्मटा टैंक को दुनिया के सबसे तेज टैंकों में से एक माना जाता है। इसका वजह लगभग 55 टन है, यह 1500 HP के शक्तिशाली इंजन के साथ 80–90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड पकड़ सकता है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका मानवरहित बुर्ज और डिजिटल रिमोट कंट्रोल सिस्टम है, जिससे इसकी 125mm स्मूथबोर तोप को कंट्रोल किया जाता है। यह टैंक आधुनिक युद्धभूमि में मिसाइलों के खिलाफ एक अभेद्य दीवार की सुरक्षा प्रदान करता है।
UK का Challenger 2
यूनाइटेड किंगडम का Challenger 2 अपनी असाधारण मजबूती और युद्ध के मैदान में अविश्वसनीय दृढ़ता के लिए फेमस है। यह टैंक अपने अद्वितीय डॉर्चेस्टर आर्मर के कारण अब तक बने सबसे सुरक्षित टैंकों में गिना जाता है। इसे भेद पाना दुश्मन के लिए असंभव है।

इसका वजन लगभग 66 टन है और यह अपने 1,200 HP का डीजल इंजन के साथ 59 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड पकड़ सकता है। इसकी असली ताकत इसकी 120mm राइफल्ड गन है। जो लंबी दूरी से ही दुश्मनों पर हमला करने में सक्षम है।
चीन का Type 99A
चीन का Type 99A रूसी डिजाइन और स्वदेशी इनोवेशन का एक शक्तिशाली मेल है। इसका वजन लगभग 54 से 58 टन होता है। यह टैंक अपने 1,500 HP के डीजल इंजन के साथ 80 किमी प्रति घंटे की स्पीड पकड़ सकता है।
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यह एशिया के सबसे तेज टैंको में से एक माना जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशिष्टता इसका लेजर-आधारित रक्षा तंत्र है। यह दुश्मनों की टैंकों के ऑप्टिक्स और ऑपरेटरों को अस्थायी रूप से नाकाम करने की क्षमता रखता है। यह अपनी 125mm स्मूथबोर तोप और आधुनिक डिजिटल टारगेटिंग सिस्टम के साथ दुश्मनों पर तेजी से हमला करता है।
इजरायल का Merkava Mk4
इजरालय का मर्कवा Mk4 एक ऐसा टैंक है, जिसे सैनिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए डिजाइन किया गया है। इसका वजह लगभग 65 टन है। इसमें इंजन पीछे की बजाय आगे की ओर लगा हुआ है। यह अपने 1,500 HP के डीजल इंजन के साथ 64 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से स्पीड पकड़ सकता है।

इसकी सबसे बड़ी खासियत Trophy एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम है। जो टैंक की ओर आने वाली एंटी-टैंक मिसाइलों और रॉकेटों को हवा में ही पहचानकर नष्ट कर देता है। यह दूश्मनों पर 120mm स्मूथबोर तोप से अचूक वार करता है। यह घनी आबादी वाले शहरी युद्ध क्षेत्रों में दुनिया का सबसे प्रभावी और सुरक्षित टैंक माना जाता है।