अमेरिका की 81 साल पुरानी स्ट्रेटजी: जापान से कनेक्शन, ईरान के लिए ट्रंप बना रहे खतरनाक प्लान
अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से युद्ध जारी है, जिसमें इजरायल भी शामिल है। ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। इस युद्ध में अ ...और पढ़ें

अमेरिका की 81 साल पुरानी स्ट्रेटजी (जागरण)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बीते एक महीने से युद्ध चल रहा है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर पहला हमला किया था। इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
ईरान ने भी इस हमले का जवाब अमेरिका और इजरायल दोनों को दिया। ईरान ने इजरायल को नुकसान पहुंचाने के लिए जहां उसके ही देश में मिसाइलें दागीं, वहीं खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य अड्डों को निशाना बनाया।
81 साल पुरानी रणनीति अपना रहे ट्रंप
अमेरिका ने हाल ही में वेनेजुएला पर हमला करके इस देश के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को कैद कर लिया और वे उन्हें अपने साथ अमेरिका लेकर चले गए।
इसके बाद अब ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया है, लेकिन अमेरिका इससे पहले भी कई देशों पर बड़े हमले कर चुका है।
-1774874669892.jpg)
अमेरिका ने 81 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान प्रशांत महासागर में स्थित इवो जिमा द्वीप पर कब्जा किया था और 23 फरवरी 1945 को छह अमेरिकी नौसैनिकों ने माउंट सुरिबाची की चोटी पर झंडा फहराया।
अमेरिका के इस द्वीप पर कब्जा करने के साथ ही जापान पर हमला करने का रास्ता खुल गया। अमेरिका ने इसके बाद हिरोशिमा और नागासाकी में परमाणु बम गिराए, जिसके साथ ही जापान ने सरेंडर कर दिया और द्वितीय विश्व युद्ध खतरनाक अंत के साथ समाप्त हुआ।
अमेरिका को घेर रहा ईरान
81 साल बाद फिर एक बार वैसी स्थिति बनती दिख रही है। हालांकि इस युद्ध में बाकी देश शामिल नहीं हुए हैं। लेकिन ईरान ने अमेरिका-इजरायल के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान और बहरीन में भी हमले किए हैं।
-1774873572201.jpg)
ईरान ने इस युद्ध में खाड़ी देशों को भी घसीट लिया है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भी कब्जा कर रखा है, जिससे वो अपनी मर्जी से देशों का चयन करके उन्हें इस रास्ते से निकलने की अनुमति दे रहा है।
खबरें और भी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान के कब्जे से अमेरिका परेशान है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते के ब्लॉक होने से दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल की सप्लाई पर प्रभाव पड़ा है। इससे दुनियाभर में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
अमेरिका ने खाड़ी देशों में तैनात की सेना
अमेरिका, ईरान की घेराबंदी के लिए खाड़ी देशों में अपनी सेना तैनात कर रहा है। USS Boxer 2000 से ज्यादा मरीन के साथ अप्रैल महीने की शुरुआत में ही ईरान के पास पहुंचने वाला है।
अमेरिका ने ईरान के पास कई एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात कर दिए हैं। USS अब्राहम लिंकन और USS ट्रिपोली भी ईरान के पास ही तैनात किया जा रहा है।

इस युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही है, लेकिन ईरानी अधिकारी ट्रंप के इन सभी दावों का खंडन कर रहे हैं।
ईरानी अधिकारी लेकिन इस बात को मान रहे हैं कि खाड़ी देशों के सहयोग से दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। इन देशों में पाकिस्तान और तुर्किए दोनों देशों के बीच किसी सेतु का काम कर रहे हैं।