Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बचपन की सहेलियां निकलीं सगी बहनें, 40 वर्ष बाद डीएनए टेस्ट से खुला अनोखा राज

    Updated: Wed, 12 Aug 2026 11:49 PM (IST)

    नीदरलैंड्स में भारत से गोद ली गईं दो महिलाएं, जो बचपन की सहेलियां थीं, 40 साल बाद डीएनए टेस्ट से सगी बहनें निकलीं। ...और पढ़ें

    40 साल बाद मिलीं बिछड़ी हुई बहनें (AI जेनरेटेड फोटो)

    40 साल बाद मिलीं बिछड़ी हुई बहनें (AI जेनरेटेड फोटो)

    HighLights

    1. भारत से गोद ली गईं दो महिलाएं नीदरलैंड्स में पलीं।

    2. बचपन की सहेलियां 40 साल बाद सगी बहनें निकलीं।

    3. डीएनए टेस्ट ने उनके रिश्ते का चमत्कारी खुलासा किया।

    डिजिटल डेस्क, एम्स्टर्डम। नीदरलैंड्स में एक बेहद भावुक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भारत में अनाथ छोड़ दी गईं और नीदरलैंड्स में अलग-अलग गोद लेने वाले परिवारों में पली-बढ़ीं दो महिलाएं 40 साल बाद सगी बहनें निकल आईं।

    दिलचस्प बात यह है कि बचपन की पक्की सहेलियां रही इन दोनों को तब तक इस रिश्ते का कोई अंदाजा नहीं था।

    1996 में पहली मुलाकात, फिर छूट गया संपर्क

    यह कहानी तब शुरू हुई जब मीना और मीनल को बचपन में भारत के अलग-अलग अनाथालयों से नीदरलैंड्स के परिवारों ने गोद लिया था। दोनों एक-दूसरे से महज 130 किलोमीटर की दूरी पर रह रही थीं।

    साल 1996 में, जब वे किशोर थीं, तो गोद लिए गए बच्चों के एक सम्मेलन में दोनों की पहली बार मुलाकात हुई। उनके बीच एक अजीब सा और गहरा जुड़ाव महसूस हुआ। उनके दोस्तों ने भी दोनों की शक्ल में समानता देखकर हैरानी जताई थी।

    इसके बाद दोनों ने पते का आदान-प्रदान किया और पत्रों में एक-दूसरे को मजाकिया अंदाज में 'सिस' (बहन) कहकर बुलाने लगीं। हालांकि, समय के साथ दोनों का संपर्क करीब 15 वर्षों के लिए टूट गया था।

    डीएनए टेस्ट ने भरी दिल की खाली जगह

    अप्रैल में एक डीएनए टेस्ट ने इस राज से पर्दा उठाया। जब मीनल के फोन पर रिजल्ट का पाप-अप आया और उस पर लिखा था - 'मीना : सिस्टर', तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हुआ। इस दुर्लभ 100 प्रतिशत मैच ने दोनों की जिंदगी बदल दी। इसके बाद नीदरलैंड्स में उनके पुनर्मिलन की वह भावुक घड़ी आंसुओं, आलिंगनों और हंसी से भरी थी।

    खबरें और भी

    तीन बच्चों की मां, 43 वर्षीय मीना गेल्टिंक ने अपने दिल की बात बयां करते हुए कहा, "सालों तक मुझे अपने दिल में एक खालीपन महसूस होता था। अब ऐसा लगता है जैसे जिंदगी की कोई खूबसूरत पहेली सुलझ गई हो।"

    वहीं, फ्रांस में रहने वाली दो बेटों की मां, 44 वर्षीय मीनल तिज्सेन ने नम आंखों से कहा, "हम बहनें बनने से पहले सहेलियां थीं। हम असल में पूरे समय बहनें ही थीं, बस हमें इस बात की खबर नहीं थी।"

    अब यह दोनों बहनें अपनी इस अद्भुत और चमत्कारी खोज के बाद हर दिन घंटों फोन और मैसेज के जरिये एक-दूसरे से जुड़ी रहती हैं। उनका मानना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि किस्मत उन्हें इतने साल पहले करीब ले आई थी और आज उन्हें हमेशा के लिए एक कर दिया है।

    (समाचार एजेंसी रॉयटर्स के इनपुट के साथ)

    यह भी पढ़ें- जस्टिस वर्मा के खिलाफ साबित हुए कौन-से तीन आरोप? अब तक क्या-क्या हुआ, पूरी रिपोर्ट