थाईलैंड के रेस्टोरेंट में भारतीय पर्यटक से बदसलूकी, बुलानी पड़ी पुलिस; मैनेजर ने मांगी माफी
थाईलैंड के एक रेस्टोरेंट में नाश्ते के बिल को लेकर हुए विवाद में एक भारतीय पर्यटक को नस्लीय टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। विवाद बढ़ने पर रेस्टोरेंट स ...और पढ़ें

यह फोटो एआई की मदद से बनाई गई है।
HighLights
थाईलैंड रेस्टोरेंट में भारतीय पर्यटक से नस्लीय दुर्व्यवहार
नाश्ते के बिल विवाद पर हुई बहस, नागरिकता पर टिप्पणी
पर्यटक ने टूरिस्ट पुलिस बुलाई, मैनेजर ने मांगी माफी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। थाईलैंड के एक रेस्टोरेंट में नाश्ते के बिल को लेकर हुए विवाद के कारण, एक भारतीय नागरिक को पुलिस की मदद लेनी पड़ी। जानकारी के अनुसार, उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसकी नागरिकता को लेकर टिप्पणी की गई। यात्री ने पुलिस को बताया कि, उसके नाश्ते के बिल को लेकर थोड़ी सी गलतफहमी हुई थी, लेकिन वह जल्द ही एक बहस में बदल गई।
इसके बाद रेस्टोरेंट वालों ने अनुवाद में मदद के लिए एक महिला को बुलाया। वहीं, जब उसने यात्री से उसकी नागरिकता पूछी, तो यह जानने पर कि वह भारत से है। महिला ने कथित तौर पर उसे गालियां देना और उसकी नागरिकता को लेकर टिप्पणियां करना शुरू कर दिया, जिसमें यह दावा भी शामिल था कि भारतीय लोग पैसे नहीं देना चाहते।
थाईलैंड टूरिस्ट पुलिस ने सुलझाया मामला
इस दौरान बहस करने की जगह, यात्री ने मामले को सुलझाने के लिए थाईलैंड टूरिस्ट पुलिस से संपर्क किया। यात्री ने कहा, "हमें इस मामले को सुलझाने के लिए सचमुच टूरिस्ट पुलिस को बुलाना पड़ा। जो लोग कहते हैं कि थाईलैंड बहुत अच्छा है और ऐसी ही दूसरी बातें करते हैं, उनके लिए बता दूं कि यह पहली बार है जब मुझे थाईलैंड में नस्लवाद का अनुभव हुआ है।"
शिकायत मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शांतिपूर्वक स्थिति को संभाला। यात्री के अनुसार, रेस्टोरेंट के मैनेजर ने बाद में जो कुछ हुआ उसके लिए माफी मांगी। उसने आगे कहा, "यह कभी भी पैसों का मामला नहीं था। मैंने बहस न करने का फैसला किया और इसके बजाय स्थिति को शांतिपूर्वक संभालने के लिए टूरिस्ट पुलिस को बुलाया। उन्होंने स्थिति को समझा, और मैनेजर ने बाद में माफी मांगी।"
खबरें और भी
यात्री ने कहा-भेदभाव कहीं हो, सही नहीं
इस घटना का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिस पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं, थाईलैंड पहुंचे भारतीय नागरिक ने कहा, "नस्लवाद कभी भी सही नहीं होता, न तो बहस में और न ही असल जिंदगी में।" अपना अनुभव साझा करते हुए, यात्री ने आगे कहा, वह कश्मीर से है। वहां भी कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह कहीं भी सही है। किसी भी समूह के बारे में सामान्यीकरण करना कभी भी सही नहीं होता।