Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच NATO को मिला नया महासचिव, नीदरलैंड के पीएम Mark Rutte संभालेंगे जिम्मेदारी

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Thu, 27 Jun 2024 05:47 AM (IST)

    नीदरलैंड के प्रधानमंत्री मार्क रुटे को नाटो को नाटो का नया महासचिव चुना गया है। अमेरिका में होने वाले होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले वो ना ...और पढ़ें

    मार्क रुटे को बनाया गया नाटो का नया महासचिव।(फोटो सोर्स: एएनआई)
    मार्क रुटे को बनाया गया नाटो का नया महासचिव।(फोटो सोर्स: एएनआई)

    एएनआई, ब्रुसेल्स। नीदरलैंड के प्रधानमंत्री को बुधवार को मार्क रुटे को नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) का प्रमुख बनाया गया। नाटो ने एक बयान जारी कर कहा, "उत्तरी अटलांटिक परिषद ने जेन्स स्टोलटेनबर्ग की जगह डच प्रधानमंत्री मार्क रूटे को नाटो का अगला महासचिव नियुक्त करने का फैसला किया।

    मैं नाटो को सही हाथों में सौंप रहा हूं: जेन्स स्टोलटेनबर्ग

    अमेरिका में होने वाले होने वाले आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले वो नाटो महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग की जगह लेंगे। नाटो राजदूतों द्वारा नियुक्ति को मंजूरी दिए जाने के बाद स्टोलटेनबर्ग ने सोशल मीडिया पर कहा, "मैं अपने उत्तराधिकारी के रूप में मार्क रूटे के चयन का नाटो सहयोगियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत करता हूं। मार्क एक सच्चे ट्रान्साटलांटिकिस्ट, एक मजबूत नेता और आम सहमति बनाने वाले व्यक्ति हैं। मैं नाटो को सही हाथों में सौंप रहा हूं।"

    पीएम रूटे ने जाहिर की अपनी खुशी

    नाटो के नए प्रमुख के रूप में चुने जाने के बाद रूटे ने अपने एक्स अकाउंट को साझा करते हुए कहा कि वह इस बात के लिए आभारी हैं कि गठबंधन ने उन्हें चुना। रूटे ने कहा,"नाटो का महासचिव नियुक्त किया जाना एक बहुत बड़ा सम्मान है। गठबंधन हमारी सामूहिक सुरक्षा की आधारशिला है और रहेगी। इस संगठन का नेतृत्व करना एक ऐसी जिम्मेदारी है जिसे मैं हल्के में नहीं लेता। मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं सभी सहयोगियों का आभारी हूं।"

    नाटो महासचिव की भूमिका

     नाटो महासचिव बैठकों की अध्यक्षता और 32 सदस्य देशों के बीच परामर्श का मार्गदर्शन करने के जिम्मेदार होते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह सुनिश्चित हो सके कि सर्वसम्मति पर चलने वाला संगठन सही से कार्य कर सके।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: NATO को अंदर ही अंदर खोखला कर रहा रूस! अब रूसी जासूसों को जवाब देने के लिए नाटो ने बनाया ये मास्टर प्लान