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नेपाल बाढ़ त्रासदी: कहां मची सबसे ज्यादा तबाही? तस्वीरों में देखें पूरा मंजर

Published: Thu, 27 Aug 2026 10:58 PM (GMT+05:30)Updated: Fri, 28 Aug 2026 02:11 AM (GMT+05:30)

नेपाल में भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं।

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, काठमांडू। नेपाल से आ रही तस्वीरें इस बात का प्रमाण हैं कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के क्षेत्रों में आई प्रलंयकारी बाढ़ ने कितना विनाश किया है। घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए हैं और बड़े क्षेत्र कीचड़, पत्थरों और मलबे से ढक गए हैं।

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रासुवा के तिमुर और रासुवागढ़ी में बाढ़ ने भोटेकोशी नदी के किनारे बस्तियों और बुनियादी ढांचे को व्यापक नुकसान पहुंचाया। यह दोनों नगर नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट स्थित हैं।

पूरी तरह तबाह हुए रासुवा और नुवाकोट से आई तस्वीरें और वीडियो दिखाते हैं कि इमारतें क्षतिग्रस्त या पानी में बह गई हैं। सड़कें कट गई हैं और नदी किनारे की बस्तियां मलबे में ढकी हुई हैं।

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सबसे ज्यादा कहां मची तबाही?

रासुवागढ़ी सीमा क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां इमारतें और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त या सिरे से गायब हो गए। सड़क विभाग ने कहा कि नुवाकोट के बेत्रावती से रासुवागढ़ी के बीच 42 किलोमीटर लंबे सड़क खंड के कई स्थानों पर नुकसान हुआ है, जबकि कंक्रीट के कई पुल भी बह गए हैं।

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त्रिशूली बाजार के आसपास लगभग 60 घर बह गए, जबकि त्रिशूली नदी पर पर बने दो पुल भी बह गए। निकटवर्ती देवघाट क्षेत्र को भी व्यापक नुकसान हुआ।

त्रिशूली बाजार से आई तस्वीरें दिखाती हैं कि इमारतें कीचड़ और मलबे के मोटे ढेर के बीच खड़ी हैं, जबकि नदी किनारे और आसपास की सड़कें गायब हो गई हैं। बाढ़ ने त्रिशूली और देवघाट जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

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पुल और सड़कों का नामोनिशान मिटा

परिवहन बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का स्तर व्यापक रहा है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा कि बाढ़ से 35 मोटर योग्य पुल, 45 सस्पेंशन पुल और लगभग 40 किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई प्रभावित क्षेत्रों में वाहन भी बह गए या कीचड़ और मलबे में दब गए हैं। यह विनाश बचाव कार्यों को कठिन बना रहा है।

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विशेष रूप से रासुवा में जहां क्षतिग्रस्त सड़कें और पुल बेकार होने से समुदाय शेष दुनिया से कट चुके हैं। रासुवा में खोज और बचाव कार्य जारी हैं, जिसमें सुरक्षा कर्मियों को उन लोगों तक पहुंचने के लिए तैनात किया गया है जो अलग-थलग क्षेत्रों में फंसे हुए हैं।

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नदियों में जगह जगह मिल रहे शव

निचले क्षेत्रों में बचाव टीमें को भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में बहे शवों को तलाशने में जुटी हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार रासुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुं, चितवन और नवलपरासी जिलों से जगह-जगह से शव बरामद किए जा रहे हैं।

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प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर चितवन अपनी पहचान खो चुका है और यहां केवल तबाही का मंजर है। बिदुर में त्रिभुवन त्रिशूली माध्यमिक विद्यालय बाढ़ से तहस-नहस हो गया, जबकि प्रभावित जिलों में बिजली वितरण को भी व्यापक नुकसान हुआ है।

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