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    ब्रिटिश कमांडो से दुनिया के सबसे तेज पर्वतारोहण का इतिहास रचने तक, निर्मल पुरजा की अदम्य साहस की पूरी कहानी

    By Shubham KumarEdited By: Shubham Kumar
    Updated: Sat, 01 Aug 2026 10:08 PM (IST)

    दुनिया के जाने-माने पर्वतारोही निर्मल निम्स पुरजा ने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत 6 महीने 6 दिन में 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर इतिहास रचा था और ब्रिटिश ...और पढ़ें

    पर्वतारोही निर्मल निम्स पुरजा।

    पर्वतारोही निर्मल निम्स पुरजा।

    HighLights

    1. निर्मल पुरजा का ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में दुखद निधन।

    2. 6 महीने में 14 सबसे ऊंची चोटियां फतह कर रचा इतिहास।

    3. ब्रिटिश स्पेशल बोट सर्विस (SBS) के पूर्व कमांडो थे।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया के जाने-माने पर्वतारोही निर्मल निम्स पुरजा का पाकिस्तान स्थित दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी ब्रॉड पीक पर आए एक भीषण हिमस्खलन की चपेट में आने से निधन हो गया है। उनके निधन से पूरी दुनिया के पर्वतारोहण जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

    नेपाल के धौलागिरी में जन्मे निम्स ने ब्रिटिश स्पेशल बोट सर्विस (SBS) के कमांडो से लेकर दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियों को मात्र 6 महीने 6 दिन में फतह कर इतिहास रचा था। आइए निर्मल पुरजा के इस अदम्य साहस और रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं। 

    सेना में रहा 16 साल का शानदार करियर

    नेपाल के धौलागिरी क्षेत्र में जन्मे निर्मल पुरजा का जीवन हमेशा से असाधारण रहा है। सेना में उनका 16 साल का शानदार करियर रहा। उन्होंने 6 साल तक प्रसिद्ध गोरखा रेजिमेंट में देश की सेवा की। इसके बाद, वे ब्रिटेन की बेहद गोपनीय और खतरनाक स्पेशल फोर्स स्पेशल बोट सर्विस (SBS) में शामिल हुए।

    फिर साल 2009 में वे SBS में शामिल होने वाले पहले गोरखा बने थे। यहां उन्होंने अत्यधिक ठंड और कठिन मौसम में युद्ध कौशल की ट्रेनिंग ली और माउंटेन सेल के एक्सपर्ट बने। यही ट्रेनिंग आगे चलकर उनके पर्वतारोहण करियर की सबसे बड़ी ताकत बनी।

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    'प्रोजेक्ट पॉसिबल' से पलटी दुनिया की चाल

    निर्मल पुरजा को असली पहचान साल 2012 में माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक की ट्रेक यात्रा के बाद मिली। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। साल 2019 में उन्होंने 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' के तहत दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियां (जो 8,000 मीटर से अधिक ऊंची हैं) मात्र 6 महीने और 6 दिन में फतह करके पूरी दुनिया को चौंका दिया था। यह अपने आप में एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड था।

    K2 की सर्दियों में अदम्य साहस का परिचय

    साल 2021 में, उन्होंने 10 नेपाली पर्वतारोहियों की टीम के साथ मिलकर सर्दियों के मौसम में पहली बार K2 चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। उनकी इस अद्भुत उपलब्धि पर '14 पीक्स: नथिंग इज इंपॉसिबल' नाम से एक प्रसिद्ध नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री भी बनी, जिसने उन्हें आधुनिक पर्वतारोहण का सबसे बड़ा चेहरा बना दिया।

     

    Nirmal Purja (1)

    रेस्क्यू ऑपरेशन और समाज सेवा

    निर्मल पुरजा सिर्फ अपनी रफ्तार के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने कई खतरनाक हाई-एल्टीट्यूड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए, जैसे अन्नपूर्णा पर्वत पर फंसे एक पर्वतारोही की जान बचाना। इसके अलावा, उन्होंने 'निम्सडाई फाउंडेशन' के जरिए नेपाल में शिक्षा और मानवीय प्रोजेक्ट्स के लिए भी काफी काम किया।

    आखिरी अभियान और दुखद हादसा

    गौर करने वाली बात यह है कि पिछले कुछ महीनों से निर्मल पुरजा एक और बहुत बड़ा इतिहास रचने की कोशिश कर रहे थे। वे बिना किसी अतिरिक्त ऑक्सीजन के दुनिया की सभी 14 चोटियों को दूसरी बार चढ़ने का लक्ष्य लेकर निकले थे। 21 जुलाई को उन्होंने गैशेरब्रम-2 पर बिना ऑक्सीजन के चढ़ाई पूरी कर ली थी, और उनके इस मिशन में केवल ब्रॉड पीक और चो ओयू ही बाकी बचे थे।

    हजारों फीट की ऊंचाई और आखिरी सफर

    ऐसे में बीत शुक्रवार को स्टैंडर्ड वेस्ट रीस्ट रूट पर (लगभग 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर) अचानक एक भयानक हिमस्खलन आया, जिसकी चपेट में निर्मल पुरजा और उनके 5 अन्य साथी आ गए।

    उनकी कंपनी 'एलीट एक्सपेड' ने बेहद दुख के साथ उनके निधन की पुष्टि की है। उनके साथ इस दुर्घटना में उनके भरोसेमंद गाइड और साथी पुर बहादुर गुरुंग और निमा शेर्पा का भी निधन हो गया है।

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