यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sri Lanka: आर्थिक संकट के बाद पहली बार श्रीलंका की GDP में हुई वृद्धि, आइएमएफ की सख्त पाबंदियों से गुजर रहा देश
आर्थिक संकट के बाद पहली बार श्रीलंका की जीडीपी में वृद्धि हुई। डीसीएस के अनुसार अप्रैल 2022 में दिवालिया घोषित होने पर श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का आक ...और पढ़ें

पीटीआई, कोलंबो। नकदी संकट से जूझ रही श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ने आर्थिक संकट आने के बाद पहली बार सकारात्मक वृद्धि दर्ज की है।
2022 के आर्थिक संकट के बाद पहली बार श्रीलंका की जीडीपी में बढ़ोत्तरी हुई है। जनगणना और सांख्यिकी विभाग (डीसीएस) ने शुक्रवार को कहा कि तीसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर सालाना आधार पर 1.6 प्रतिशत रही।
श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का आकार आठ प्रतिशत घटा
डीसीएस के अनुसार, अप्रैल 2022 में दिवालिया घोषित होने पर श्रीलंका की अर्थव्यवस्था का आकार आठ प्रतिशत घट गया था। पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था 2021 की चौथी तिमाही से नकारात्मक बनी हुई है। आइएमएफ ने कहा है कि 2023 के लिए श्रीलंका की समग्र वृद्धि नकारात्मक रहेगी। हालांकि, 2024 में वृद्धि सकारात्मक रहने की उम्मीद है।
आइएमएफ की सख्त पाबंदियों से गुजर रहा श्रीलंका
बता दें कि श्रीलंका इस समय आइएमएफ की सख्त पाबंदियों से गुजर रहा है। राष्ट्रपति रानिल विक्रमसघे जो वित्त मंत्री भी हैं, विपक्ष की कड़ी आलोचना के बावजूद आर्थिक सुधारों पर जोर दे रहे हैं।
संतोष झा ने श्रीलंका में भारत के राजदूत का कार्यभार संभाला भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) के अधिकारी संतोष झा ने श्रीलंका में भारत के राजदूत का कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले गोपाल बागले श्रीलंका में भारत के राजदूत थे। शुक्रवार को बागले का कार्यकाल समाप्त हो गया। 1993 बैच के आइएफएस अधिकारी झा इससे पहले बेल्जियम में भारत के राजदूत थे।
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