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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pakistan: बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ थम नहीं रहा बवाल, कारोबारी भी हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल

    By AgencyEdited By: Ashisha Singh Rajput
    Updated: Thu, 31 Aug 2023 11:33 PM (IST)

    पाकिस्तान में बढ़ती बिजली दरों से लोग कराह रहे हैं। इसे लेकर लोग छह दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार बढ़ी दरों को वाप ...और पढ़ें

    देश में प्रति यूनिट बिजली की कीमत 50 रुपये से अध‍िक हो चुकी है।
    देश में प्रति यूनिट बिजली की कीमत 50 रुपये से अध‍िक हो चुकी है।

    इस्लामाबाद, एएनआइ। पाकिस्तान में बढ़ती बिजली दरों से लोग कराह रहे हैं। इसे लेकर लोग छह दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि सरकार बढ़ी दरों को वापस ले। इस बीच गुरुवार को देशभर के व्यापारी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता गुस्से में है। बिजली दरों को कम करने के लिए रहीम यार खान, बहावलपुर, क्वेटा, वेहारी और पेशावर सहित कई शहरों में व्यापार संगठनों ने प्रदर्शन में भाग लिया।

    सब्सिडी देने के लिए नहीं हैं पैसे

    लगातार हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवारुल हक काकर ने कहा था कि सरकार राहत देने की संभावनाओं पर गौर करेगी। वहीं, कार्यवाहक वित्त मंत्री शमशाद अख्तर ने बुधवार को सीनेटरों से कहा था कि आइएमएफ सौदे के कारण बजटीय स्थिति इतनी सीमित है कि बिजली की आसमान छूती दरों को कम करने के लिए सब्सिडी देने के लिए पैसा नहीं है।

    प्रदर्शन कर रहे 158 लोगों पर एफआइआर

    पाकिस्‍तान में बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 158 लोगों के खिलाफ 30 अगस्‍त को एफआईआर दर्ज की गई थी। बता दें कि देश में प्रति यूनिट बिजली की कीमत 50 रुपये से अध‍िक हो चुकी है।

    जबरन गायब किए जाने के पीड़ि‍तों का अंतरराष्ट्रीय दिवस

    इस बीच बलूचिस्तान और सिंध में बुधवार को जबरन गायब किए जाने के पीड़ि‍तों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया। यह कदम जबरन गायब किए जाने के मामलों में वृद्धि को देखते हुए उठाया गया है। रैली जहाज चौक पर आयोजित की गई थी। जेएसएफएम नेताओं ने कहा कि हम सिंध और बलूचिस्तान के आंदोलन से जुड़े लापता व्यक्तियों के मुद्दे को मानवाधिकारों का उल्लंघन मानते हैं।

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