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    ट्रंप का भरोसा या प्लान B: पाकिस्तान में क्यों नहीं हुई अमेरिका-ईरान की डील? सामने आई वजह

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 05:18 PM (IST)

    इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे चली शांति वार्ता विफल रही। मध्य पूर्व युद्ध रोकने और परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा हुई, लेकिन इस शांति-वार्त ...और पढ़ें

    अमेरिका के इरादों पर नहीं विश्वास (फोटो-रॉयटर्स)

    अमेरिका के इरादों पर नहीं विश्वास (फोटो-रॉयटर्स)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता पूरी तरह से फेल हो गई। दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक मिडिल ईस्ट के युद्ध को रोकने के लिए कई समझौतों पर बातचीत हुई, लेकिन ये चर्चा किसी अंतिम फैसले तक नहीं पहुंच सकी।

    अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से स्पीकर मोहम्मद बागेर गालीबाफ इस्लामाबाद पहुंचे, लेकिन बिनी किसी समझौते के ही अपने-अपने देश वापस लौट गए।

    ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं

    अमेरिकी और ईरानी अधिकारियों के बीच एक दशक से भी ज्यादा समय के बाद पहली बार कोई सीधी मुलाकात हुई थी। 1979 की ईरानी इस्लामी क्रांति के बाद की ये सबसे बड़ी बातचीत थी।

    अमेरिका और ईरान की बातचीत के केंद्र में होर्मुज जलडमरूमध्य रहा, जो कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे मुख्य जलमार्ग में से एक है। इसी के साथ अमेरिका यह भी चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम रद कर दे।

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक पाकिस्तानी सरकारी सूत्र ने कहा, 'बातचीत के बीच में इस बात की प्रबल आशा थी कि कोई सफलता मिलेगी और दोनों पक्ष किसी समझौते पर पहुंच जाएंगे। हालांकि, कुछ ही समय में हालात बदल गए।'

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    इस्लामाबाद में इस बातचीत के बाद भी अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बने रहे। एक अमेरिकी सूत्र ने कहा कि ईरानियों ने इस बात को ठीक से नहीं समझा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समझौता करना था जो यह सुनिश्चित करे कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। लेकिन ईरान को अमेरिका के इरादों पर विश्वास ही नहीं था।

    इन सभी बातों को लेकर ईरान की सरकार की तरफ से कोई भी टिप्पणी सामने नहीं आई। इस बातचीत के तुरंत बाद ट्रंप ने होर्मुज में नाकाबंदी का एलान कर दिया। ट्रंप ने सोमवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के जहाज तबाह कर दिए हैं।

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