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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भागवत बोले, अगर हिंदू खतरे में है तो देश भी खतरे में

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sun, 04 Jan 2015 09:56 PM (IST)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने हिंदुत्व को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदू खतरे में पड़ा तो भारत खतरे में होगा। अहमदाबाद में आयोजित कार्यकर्ता शिविर के समापन समारोह में भागवत ने दो टूक कहा कि संघ ने राष्ट्र को खड़ा करने का

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राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने हिंदुत्व को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि हिंदू खतरे में पड़ा तो भारत खतरे में होगा। अहमदाबाद में आयोजित कार्यकर्ता शिविर के समापन समारोह में भागवत ने दो टूक कहा कि संघ ने राष्ट्र को खड़ा करने का बीड़ा उठाया है और इसके लिए वह सरकार पर निर्भर नहीं है। सबको अपना-अपना काम ठीक से करना होगा। तभी समाज जाग्रत होगा और नेता, सरकार व राजनीतिक दल देशहित में काम करेंगे।

भागवत ने खुद की सुरक्षा को ही अपना धर्म बताते हुए उदारवादी जमात की सलाह पर सवाल उठाया कि हमलावर अज्ञानी है। इसलिए हम सहिष्णु बनें और उनको सहें। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि योग्य बनो और तन-मन-धन से देशसेवा में जुट जाओ।द्वारिकाशक्ति पीठ के महंथ स्वामी सदानंद सरस्वती ने चेताया कि सैकड़ों वर्षो से हिंदुओं का धर्म परिवर्तन किया जा रहा था तब कोई नहीं बोला, लेकिन सौ पचास लोगों को वापस अपने धर्म में क्या लाए, दुनिया के 156 देशों में बवंडर मचा दिया। जो लोग पहले भटक गए थे, वे लोग वापस अपने घर में आ रहे हैं, तो उसे धर्मातरण नहीं कहा जाना चाहिए।

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