विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नवरात्र में शुभ मुहूर्त में दौड़ेगा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का चुनावी रथ

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Sat, 13 Aug 2016 12:29 PM (IST)

मुख्यमंत्री व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव का 'विकास रथ' इस बार के चुनाव की पथरीली जमीन पर दौड़ाने से पहले ज्योतिषाचार्यों से बेहतर 'मुहूर्त' खंगलवाया जा रहा है।

News Article Hero Image

लखनऊ (परवेज अहमद)। सफलता के'हाथ सौ होते हैं और हारे दुश्मन के हजार हाथ होते हैं। समाजवादी पार्टी इसी कहावत से सियासी दुश्मनों से मुकाबिल है।

यही कारण है कि मुख्यमंत्री व सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव का 'विकास रथ' इस बार के चुनाव की पथरीली जमीन पर दौड़ाने से पहले ज्योतिषाचार्यों से बेहतर 'मुहूर्त' खंगलवाया जा रहा है। शारदीय नवरात्र से यात्रा शुभ बतायी गयी है।

रक्षाबंधन आने वाला है, बुआ से माफी मांग भाजपा सही राह पकड़ेः अखिलेश

सत्तारूढ़ रहते चुनावी समर में कूदने के अपने नफा-नुकसान हैं। संसाधनों की उपलब्धता जहां जनता तक पहुंचाने में फायदेमंद होती है, वहीं जनता के मस्तिष्क में विपक्ष के आरोपों की ओर झुकाव होता है। सपा यह मानकर चल भी रही है मुख्य प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी होगी। मुददे और सवाल नए होंगे। शायद इसीलिए अखिलेश के विकास रथ की शुरुआत का समय नवरात्र निर्धारित किया गया है।

सपने दिखाकर सत्ता हासिल करने वालों के पास बताने को कुछ नहीं: अखिलेश

प्रदेश में मिशन-2017 में मुलायम सिंह यादव सिर्फ 18 रैलियां करेंगे, जिसकी रूपरेखा भी तैयार हो गयी है, मगर पहली बार कन्नौज की सांसद डिंपल यादव भी कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में प्रचार का जिम्मा संभालेंगी। सूत्रों का कहना है कि इस बार का अखिलेश का विकास रथ 'बुलेट प्रूफ' है। वह क्रांति रथ से बड़ा है। इंटरनेट, टीवी की सुविधा के साथ हाईड्रोलिक लिफ्ट और दूर तक सुनाई देने वाले स्पीकरों की सुविधा भी है। इसमें सरकारी काम निपटने का एक केबिन भी है।

प्रधानमंत्री को देर से आयी 'गाय और कश्मीर' की याद : अखिलेश

सूत्रों का कहना है कि विकास रथ जिस ओर कूच करने वाला होगा, उस ओर दो दिन पहले युवा ब्रिगेड की टोली पहुंचेगी, जो उत्तेजक राग और ढोल नगाड़ों की धुन पर तैयार गीत बजायेगी। नुक्कड़ नाटक करेगी। युवजन सभा, लोहिया वाहिनी, छात्रसभा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड रथ पहुंचने से पहले क्षेत्र में न सिर्फ सकारात्मक वातावरण बनाएगी बल्कि क्षेत्रीय समस्याएं चिन्हित कर उसकी जानकारी अखिलेश को उपलब्ध करायेगी, भाषणों में उसका उपयोग होगा। अखिलेश यादव ने 2012 के चुनाव में नौजवानों पर पर भरोसा जताया था, इस बार भी युवा जोश ही मुख्य भूमिका में होगा।

यूपी सरकार बुलंदशहर मामले की सीबीआई जांच को तैयार : अखिलेश

फर्क सिर्फ यह होगा कि इस बार पांच साल का हिसाब भी देना होगा। अखिलेश इस परिस्थिति को समझ भी रहे हैं, इसीलिए भाजपा व समर्थक दलों के 73 सांसदों को पत्र लिखकर विकास में सहयोग न करने का उलाहना दिया है तो अपने दल के सांसदों को भी विकास कार्यों में दिलचस्पी लेने का संदेश दिया है।

नवरात्र यानी अक्टूबर में चुनावी अभियान की शुरुरआत का एक कारण अभियान को लगातार अक्षुण्य रखना भी है और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दैनिक जागरण से कहा भी कि 'एक बार रथ पर सवार हुआ तो फिर जनता तक अपनी बात पहुंचाकर लौटूंगा।

गाय को लेकर केंद्र की राजनीति ठीक नहीं है : अखिलेश

हम विकास को मुद्दा बनायेंगे, जनता को केंद्र और राज्य सरकार के विकास की तुलना का मौका मिलेगा। तय उन्हें करना है।वह जोड़ते हैं कि समाजवादी सभी धर्म जाति को सम्मान देने में यकीन करते हैं। रथ पर सवार होने से पहले सभी धर्म गुरुओं और आस्थावानों का आशीष लिया जाएगा।