यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरिद्वार के इस गांव में मगरमच्छों ने उड़ा दी ग्रामीणों की नींद
लक्सर क्षेत्र के अकौढ़ा गांव में इन दिनों ग्रामीणों की नींद मगरमच्छों ने उड़ा रखी है। आए दिन तालाब से मगरमच्छ बाहर निकल रहे हैं। दहशत में आए ग्रामीणों ने वन विभाग के गुहार लगाई ।

लक्सर, हरिद्वार [जेएनएन]: अकौढ़ा गांव के तालाब में छह से अधिक मगरमच्छ घुस आने से ग्रामीण दहशत में हैं। आबादी क्षेत्र में मगरमच्छों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण शाम ढले घरों के बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने वन क्षेत्राधिकारी को कार्रवाई के आदेश दिए।
आए दिन मगरमच्छ बाण गंगा व गंगा से निकलकर आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं। बरसात के दौरान पानी के साथ बहकर आए मगरमच्छ गांव के तालाब में अपना डेरा जमा लेते हैं। वर्तमान में क्षेत्र के कई गांवों के तालाबों में मगरमच्छ मौजूद हैं।
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लक्सर से सटे अकौढ़ा खुर्द गांव के तालाब में भी बरसात के दौरान बाढ़ के साथ बहकर आए मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में पहुंच गए थे। वर्तमान में गांव के मध्य स्थित तालाब में छह से अधिक मगरमच्छ मौजूद हैं। मगरमच्छ अभी तक कई पशुओं को अपना निवाला बना चुके हैं। कई बार मगरमच्छ तालाब से बाहर निकलकर आबादी क्षेत्र में घुस आते हैं।
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ग्रामीण राजबीर सिंह व राहुल आदि ने बताया कि तालाब में छोटे-बड़े सात-आठ मगरमच्छ हैं। इस बाबत वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी अभी तक इन्हें नहीं पकड़ा जा सका। इस संबंध में ग्रामीण एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा से मिले। एसडीएम ने वन क्षेत्राधिकारी को मगरमच्छों को पकड़ने के आदेश दिए। वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर भारती ने बताया कि जल्द मगरमच्छों को पकड़कर दूसरे स्थान पर छोड़ा जाएगा।
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