आषाढ़ गुप्त नवरात्र में बदलेगी 12 राशियों की किस्मत! किसे मिलेगा लाभ और किसे बरतनी होगी सावधानी?
आषाढ़ गुप्त नवरात्र 15 जुलाई से शुरू हो रही है, जिसका सभी राशियों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह समय आत्म-निरीक्षण और ऊर्जा संतुलन का है। इस दौरान कुछ राशि ...और पढ़ें

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का राशियों पर प्रभाव जानें लाभ और उपाय (Picture Credit: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आषाढ़ गुप्त नवरात्र का समय केवल व्रत-उपवास का नहीं होता है बल्कि माता दुर्गा की साधना के लिए भी विशेष माना जाता है।
इस दौरान मां की गुप्त आराधना की जाती है और इस पूरी अवधि में सूर्य, चंद्रमा और अन्य प्रमुख ग्रहों का गोचर दस महाविद्याओं की गुप्त ऊर्जा से प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है।
हिंदू धर्म में मुख्य रूप से चार नवरात्रि तिथियां होती हैं जिनमें से दो ऐसी होती हैं जिनमें माता का पूजन गुप्त रूप में किया जाता है।
यह नवरात्र आषाढ़ और पौष महीने में मनाई जाती है। इस साल आषाढ़ महीने की गुप्त नवरात्र का आरंभ 15 जुलाई को हो रहा है। यह समय आत्म-निरीक्षण और व्यक्तिगत ऊर्जा को संतुलित करने का है।
जहां कुछ राशियों के लिए यह समय भाग्य के द्वार खोलने वाला होता है, वहीं कुछ राशियों को मानसिक और आर्थिक मोर्चे पर सचेत रहने की आवश्यकता है। आइए यहां जानें सभी राशियों के भविष्य और उपायों के बारे में।
अग्नि तत्व राशियां (मेष, सिंह और धनु)
मेष, सिंह और धनु राशि को अग्नि तत्वों की राशि माना जाता है और ज्योतिष की मानें तो इन राशियों के लिए यह नवरात्रि ऊर्जा और पराक्रम में वृद्धि लाएगी। इस दौरान इन सभी राशि के लोगों के लिए कार्यक्षेत्र में सफलता के योग बन रहे हैं।
सरल उपाय: इन राशि के जातकों को मां तारा या मां काली की उपासना करनी चाहिए और उन्हें लाल पुष्प अर्पित करने चाहिए।
पृथ्वी तत्व राशियां (वृषभ, कन्या और मकर)
वृषभ, कन्या और मकर राशि को पृथ्वी तत्व की राशि कहा जाता है और गुप्त नवरात्र के दौरान इन राशियों के जातकों को आर्थिक स्थिरता और भूमि-भवन के मामलों में विशेष लाभ होने के योग बनेंगे।
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सरल उपाय: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए इन राशियों को मां भुवनेश्वरी या मां त्रिपुरा सुंदरी की आराधना करनी चाहिए।
वायु तत्व राशियां (मिथुन, तुला और कुंभ)
मिथुन, तुला और कुंभ को वायु तत्व राशियां माना जाता है। गुप्त नवरात्र की अवधि में आपके विचारों में स्पष्टता आएगी और नए व्यापारिक संबंध बनेंगे। हालांकि, इस समय अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना आपके लिए जरूरी होगा।
सरल उपाय: उपाय के तौर पर मां त्रिपुर भैरवी का ध्यान करें और पूजा के समय कपूर का दीपक जलाएं।
जल तत्व राशियां (कर्क, वृश्चिक और मीन)
गुप्त नवरात्र के दौरान कर्क, वृश्चिक और मीन राशि की भावुकता बढ़ेगी, लेकिन इसके साथ ही आपकी आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि भी मजबूत होगी।
सरल उपाय: किसी भी प्रकार के अज्ञात भय से मुक्ति पाने के लिए आपको मां धूमावती या मां बगलामुखी के नाम का मानसिक जप करना चाहिए।
अगर आप भी अपनी राशि के अनुसार गुप्त नवरात्र में कुछ आसान उपायों को आजमाएंगी तो आपके जीवन में सदैव खुशहाली बनी रहेगी।
लेखक: श्री चंद्रेश शर्मा, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com
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